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सैफई स्वास्थ्य संसथान भ्रष्टाचार का अड्डा, मरीज से बलात्कार में कर्मचारी दोषी
महिलाओं के लिए अब सरकारी अस्पताल भी सुरक्षित नहीं संसथान प्रबंधन द्वारा की गयी लीपा पोती
सैफई संसथान के मानसिक रोग विभाग में कई माह से भर्ती एक चालीस वर्षीय महिला के साथ संसथान का कर्मचारी कर रहा था लगातार बलात्कार, इसका खुलासा तब हुआ, जब महिला रुटिन मेडिकल टेस्ट में 5 महीने की गर्भवती मिली। यह जानकारी मिलते ही मानसिक रोग विभाग के प्रमुख प्रो. एके मिश्रा ने 18 मार्च को सैफई थाने में एफआईआर कराई,
महिलाओं के लिए अब सरकारी अस्पताल भी सुरक्षित नहीं
पुलिस ने 19 मार्च को सफाईकर्मी रविंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। वह चेंजिग रूम में पीड़ित को लेकर जाकर दरिंदगी करता था। पीड़ित का मेडिकल कराया गया। इसमें रेप की पुष्टि हुई, महिला 9 माह से संसथान में भर्ती थी, जबकि संसथान में हर माह प्रत्येक मरीज का रूटीन मेडिकल चेकअप होता है ऐसे में 9 माह से भर्ती महिला 5 माह की गर्भवती निकली
संसथान प्रबंधन द्वारा की गयी लीपा पोती
ऐसे में यह तय था कि संसथान में ही उसके साथ दरिंदगी हुई है।
मानसिक रोग विभाग के महिला वार्ड में कुल 15 बेड हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इस वार्ड के बाहर लगे सीसीटीवी लंबे समय से खराब हैं। वार्ड के आसपास कोई सुरक्षा गार्ड भी नहीं रहता है। इसी का फायदा आरोपी ने उठाया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद संसथान प्रबन्धन द्वारा लीपापोती करते हुए विभाग प्रमुख एके मिश्रा को हटा दिया। मानसिक रोग विभाग के सभी 13 कर्मचारियों का ट्रांसफर दूसरे विभाग में कर दिया। 3 सदस्यीय टीम गठित कर 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित महिला की निगरानी के लिए डॉक्टरों की टीम बनाई गई है।
ब्रजेश पाठक की नाकामी भुगत रही यूपी की जनता
ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य की उचित देखभाल के लिए सैफई ग्रामीण स्वास्थ्य संसथान की स्थापना की गयी थी, परन्तु अब यह संसथान एक लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है और जेम पोर्टल लूट का हथियार, अभी हाल ही में जितने टेंडर किये गए है उसमे जीवन रक्षक उपकरण मनमाने ढंग से घटिया चीनी उपकरण पसंदीदा कंपनियों से खरीदे जा रहे है और इसपर से इस बलात्कार की घटना ने सैफई संसथान के प्रबंधन को पूरी तरह से नंगा कर दिया है, जहाँ मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा सर्वोपरि बताते है वहीँ उनके उपमुख्यमंत्री के विभाग में लगातार हो रही लूट और दरिंदगी की घटनाओं ने महिला सुरक्षा की पोल खोल दी है
संसथान का उदासीन रवैया
इस बारे में जब संवाददाता द्वारा वीसी कार्यलय से संपर्क किया गया तो साहब मीटिंग में है कहते हुए फ़ोन काट दिया गया, साहब को फोन करने पर उनका फ़ोन बंद मिला और अन्य कोई कर्मचारी किसी भी घटना पर कुछ बोलने को तैयार नहीं
अगले अंक में भ्र्ष्टाचार की नयी खबर के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम


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