रोशनी सोनकर और पूर्णिमा सोनकर के संघर्ष को मिली बड़ी सफलता
मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी के आरोप में थाना पारा में FIR दर्ज, पीड़ित पक्ष ने पुलिस व सहयोगियों का जताया आभार
लखनऊ।
राजधानी लखनऊ के थाना पारा क्षेत्र में कथित मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और घर से निकालने की धमकी के मामले में रोशनी सोनकर और पूर्णिमा सोनकर के संघर्ष को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, 2 सितंबर 2026 की रात हुई घटना के संबंध में पुलिस ने अब FIR संख्या 0688/2026 दर्ज कर ली है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 333, 351(3), 352 सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं शामिल की गई हैं।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 2 सितंबर की रात दबंगों द्वारा उनके साथ मारपीट की गई तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया। घर से बाहर निकालने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। घटना के बाद पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस से की और कार्रवाई की मांग की।
रोशनी सोनकर और पूर्णिमा सोनकर के अनुसार, न्याय के लिए उन्हें लगातार प्रयास करना पड़ा। उनका कहना है कि घटना से संबंधित वीडियो साक्ष्य उनके पास मौजूद थे और इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। FIR दर्ज होने के बाद पीड़ित पक्ष ने इसे अपने लंबे संघर्ष की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई गई आवाज
Read More कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर रूधौली में बसपा का कार्यकर्ता महासम्मेलन मैं उमड़ा जल सैलाबपीड़ित पक्ष ने बताया कि मामले को लेकर उन्होंने विभिन्न स्तरों पर अपनी बात रखने का प्रयास किया। इस दौरान भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजमोहन सिंह ने भी उनके मामले को उठाने और संबंधित पुलिस अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाने में सहयोग किया।
रोशनी सोनकर और पूर्णिमा सोनकर ने बृजमोहन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब उन्हें सहायता की आवश्यकता थी, तब उन्होंने उनका साथ दिया और मामले में कार्रवाई के लिए लगातार प्रयास किया।
Read More शिवद्वार धाम के प्रधान पुजारी परिवार एवं मंदिर व्यवस्थापक ने राजा भैया से की आत्मीय मुलाकातपीड़ित पक्ष ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं संतोष पाण्डेय, गोविन्द यादव और संतोष गुप्ता के सहयोग के लिए भी धन्यवाद दिया।
पत्रकारों का भी जताया आभार
पीड़ित परिवार ने मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित करने वाले पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि मीडिया द्वारा उनकी समस्या को सामने लाने से उनकी आवाज अधिक लोगों तक पहुंची और मामले में कार्रवाई की मांग को बल मिला।
पीड़ित पक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता आम लोगों की समस्याओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है और इस मामले में पत्रकारों ने उनकी बात को प्रमुखता से उठाया।
पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ी न्याय की उम्मीद
FIR दर्ज होने के बाद रोशनी सोनकर ने कहा कि इस कार्रवाई से उनका न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की आगे की जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और आरोपों की जांच के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि परिवार को आगे किसी प्रकार की परेशानी या खतरा न हो, इसके लिए सुरक्षा की भी आवश्यकता है। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
संघर्ष को बताया हिम्मत की जीत
पीड़ित पक्ष ने FIR दर्ज होने को केवल कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि अपने संघर्ष में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बात रखने और न्याय के लिए आवाज उठाने का प्रयास जारी रखा।
रोशनी सोनकर और पूर्णिमा सोनकर ने मामले में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनका संघर्ष आगे भी न्याय मिलने तक जारी रहेगा।
हालांकि, FIR दर्ज होना मामले में आरोपों की पुष्टि नहीं है। अब पुलिस की जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


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