नवीनतम
फीचर्ड
भारत
सोन नदी के उफान से अड़गुड़ नाला बना बेहद खतरनाक, जान जोखिम में डालकर ट्यूब के सहारे पार कर रहे ग्रामीण
पोखरिया पुलिस चौकी का कोन थाने से संपर्क टूटा; बिहार आने-जाने का रास्ता भी बंद
स्वतंत्र प्रभात संवाददाता
कोन /सोनभद्र-
उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पंचायत बसुहारी का अड़गुड़ नाला इन दिनों सोन नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बेहद खतरनाक हो गया है। नाले में करीब 10 से 15 फीट तक पानी भर जाने से क्षेत्र में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालात यह है कि ग्रामीण और राहगीर जान जोखिम में डालकर ट्यूब के सहारे नाला पार करने को मजबूर हैं। गहरे पानी और तेज बहाव के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
मंगलवार को अड़गुड़ नाले की गंभीर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन सोनभद्र के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीकुमार जायसवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि कोन दिनेश कुमार गुप्ता, बजरंग दल के प्रखंड संयोजक हृदय निवास पाण्डेय सहित तरिया क्षेत्र के शिवम कुमार प्रजापति, अजीत कुमार, कृष्णा कुमार गुप्ता समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। टीम ने नाले का निरीक्षण करने के साथ ही प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं से रुबरु हुए और लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने व नदी किनारे न जाने की अपील किया।
ग्रामीणों ने बताया कि सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण अड़गुड़ नाले का पानी सोन नदी के गहरे जलस्तर से जुड़ गया है। नाले में भरा पानी कई स्थानों पर अत्यधिक गहरा हो चुका है। इसके बावजूद जरूरी काम के लिए ग्रामीणों को आवागमन करना पड़ रहा है। ट्यूब के सहारे पानी पार करना कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है।
पानी भरने से क्षेत्र की स्थिति और गंभीर हो गई है। रास्ता जलमग्न होने के कारण अंतिम पुलिस चौकी पोखरिया का कोन थाने से संपर्क भी टूट गया है। वहीं बिहार की ओर आने-जाने वाले लोगों का संपर्क भी बाधित हो गया है। इससे सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
Read More इमरती कॉलोनी के सामने जलभराव की समस्या के निराकरण हेतु नगर पालिका द्वारा जल निकासी कार्य जारीस्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात और सोन नदी के बढ़ते जलस्तर के दौरान हर वर्ष यहां आवागमन की समस्या गंभीर हो जाती है, लेकिन इस बार पानी का स्तर काफी अधिक होने से खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कराने, खतरनाक स्थान पर चेतावनी बोर्ड लगाने तथा सुरक्षित आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है।
निरीक्षण करने पहुंचे जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल आवश्यक कदम उठाने की मांग किया है।


Comments