सावन के दूसरे सोमवार पर ऐतिहासिक 'गहरेबाजी'
सजे-धजे घोड़ों की अद्वितीय चाल रफ्तार और कदमताल का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया
नैनी ,प्रयागराज। संगमनगरी में सावन के दूसरे सोमवार को पारंपरिक गहरेबाजी का भव्य आयोजन किया गया। प्रयाग गहरेबाजी संघ के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज 'बब्बन भइया' की अगुवाई में यह पारंपरिक उत्सव नए यमुना पुल के नीचे अरैल रोड पर आयोजित हुआ। इस रोमांचक आयोजन में दूर-दराज से आए करीब दो दर्जन नामी गहरेबाजों ने अपने सजे-धजे घोड़ों की अद्वितीय चाल, रफ्तार और कदमताल का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया।
अरैल रोड पर बने 800 मीटर लंबे ट्रैक पर शाम पांच से सात बजे तक घोड़ों की टापों की गूंज सुनाई देती रही। सधी हुई लगाम के साथ मैदान में उतरे एक-एक घोड़े ने दस-दस बार ट्रैक पर दौड़ लगाकर अपनी ताकत और ट्रेनिंग का लोहा मनवाया, जिसमें बनवारी लाल शर्मा का 'उड़ान', असीम भारद्वाज का 'बादामी', मुरली दुबे का 'समन्द', विष्णु प्रसाद शर्मा का 'बुलेट' और बदरे आलम का 'सुरंग' शामिल रहे।
सावन के हर सोमवार को आयोज यमुना पुल पर हजारों की संख्या में लोग अपने परिवारों और बच्चों के साथ पहुंचे थे। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य लोग और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे,
swatantra prabhat स्वतंत्र प्रभात uttar pradesh news नए यमुना पुल पुलिस सुरक्षा व्यवस्था गहरेबाजी प्रयागराज Gharebazi Prayagraj सावन दूसरा सोमवार Sawan Somvar 2026 घोड़ों का प्रदर्शन Horse Show Prayagraj प्रयाग गहरेबाजी संघ अरैल रोड आयोजन पारंपरिक घुड़सवारी घोड़ों की रफ्तार Gharebazi Festival प्रयागराज धार्मिक उत्सव संगमनगरी कार्यक्रम सावन उत्सव प्रयागराज संस्कृति


Comments