लखनऊ: दुष्कर्म मामले की जांच के दौरान महिला से कथित यौन शोषण
दरोगा पर एफआईआर दर्ज, तत्काल प्रभाव से निलंबन
लखनऊ: दुष्कर्म मामले की जांच के दौरान महिला से कथित यौन शोषण, दरोगा पर रेप का मुकदमा दर्ज, निलंबित
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म की शिकायत की जांच के दौरान सामने आया नया मामला
खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)
लखनऊ के आशियाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप की जांच कर रहे एक पुलिस उपनिरीक्षक (दरोगा) पर ही महिला के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोप है कि विवेचना के दौरान महिला की मजबूरी का फायदा उठाते हुए दरोगा ने उसे झूठे कानूनी आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाए। मामले के सामने आने के बाद आरोपी दरोगा के खिलाफ दुष्कर्म समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया है।
महिला ने पहले प्रेमी पर लगाया था शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता, जो आशियाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है, ने आरोप लगाया था कि एक युवक ने शादी का वादा कर कई वर्षों तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में शादी से इनकार कर दिया। इस संबंध में महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, जिसके बाद मामले की जांच उपनिरीक्षक धर्मवीर शाही को सौंपी गई।
जांच के दौरान अनुचित प्रस्ताव देने का आरोप
महिला का आरोप है कि विवेचना के दौरान दरोगा ने उसे थाने बुलाया और कहा कि मामला पुराना होने के कारण मेडिकल जांच से कोई विशेष साक्ष्य नहीं मिलेंगे और आरोपी को सजा दिलाना मुश्किल होगा। आरोप के अनुसार, दरोगा ने यह भी कहा कि यदि वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाएगी तो वह केस को मजबूत करने और आरोपी को जेल भिजवाने में मदद करेगा।
होटल ले जाकर संबंध बनाने का आरोप
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि दरोगा ने अपने प्रभाव और पद का दुरुपयोग करते हुए उसे होटल ले जाकर शारीरिक संबंध बनाए। बाद में महिला को महसूस हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, जिसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम की शिकायत उच्च अधिकारियों से की।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी उपनिरीक्षक धर्मवीर शाही के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। विभागीय कार्रवाई के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी, गिरफ्तारी पर फैसला साक्ष्यों के आधार पर
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई, जिसमें गिरफ्तारी भी शामिल हो सकती है, की जाएगी।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक कानून की नजर में निर्दोष माना जाता है।


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