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हड़ताल के बीच बाहरी मजदूरों से कचरा उठवाना पड़ा भारी
आक्रोशित सफाई कर्मियों ने एन एच पर ही बिखरे ट्रैक्टर के कचरे
वेतन वृद्धि और बकाया भुगतान को लेकर पिछले तीन दिनों से सामूहिक हड़ताल पर हैं सफाई कर्मी
त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से जारी सफाई कर्मियों की सामूहिक हड़ताल रविवार को उस समय उग्र आंदोलन में बदल गई, जब नगर परिषद और सफाई एजेंसी ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने के बजाय अड़ियल रुख अपनाते हुए जबरन कचरा उठवाने का प्रयास किया। पुलिस बल की निगरानी में बाहरी मजदूरों को लाकर जैसे ही ट्रैक्टरों में कचरा लोड किया जा रहा था।यह खबर मिलते ही हड़ताली सफाई कर्मी और उनके परिजन भड़क उठे। देखते ही देखते आक्रोशित महिलाओं और बच्चों ने हंगामा शुरू कर दिया और ट्रैक्टरों पर लदे पूरे कचरे को बीच सड़क (NH-327E) पर ही उड़ेल दिया। इस दौरान कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया।
पुलिस के सामने ही बिखेरा कचरा कर्मी को खदेड़ा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार को सफाई एजेंसी ने पुलिस अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में शहर की सड़कों पर जमा कचरा उठाने के लिए कुछ बाहरी मजदूरों को काम पर लगाया था। इसकी भनक लगते ही हड़ताली सफाई कर्मी मौके पर पहुंच गए। आंदोलनकारियों के उग्र तेवर और उनके परिजनों के भारी आक्रोश को देखकर एक बार तो पुलिस बल भी हैरान रह गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सफाई एजेंसी के तथाकथित 'बड़ा बाबू' को भी मौके से खदेड़ दिया। बाद में पुलिस अधिकारियों ने काफी मशक्कत और समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया, लेकिन तब तक फिर से सड़क कचरे से पट चुकी थी। आंदोलन कर रहे सफाई कर्मियों का आरोप है कि सफाई ठेकेदार द्वारा उनके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया जाता है। महीने के पूरे 30 दिन हाड़-तोड़ मेहनत करते हैं, लेकिन 5 से 6 दिन की पगार मनमाने ढंग से काट ली जाती है। महीनों तक बकाया भुगतान नहीं मिलने के कारण हमारे घरों में भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।
कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपने हक की बात करते हैं, तो सफाई एजेंसी के कर्ताधर्ता उन्हें काम से हटाने की सीधी धमकी देते हैं।
परिषद के अड़ियल रवैये से बढ़ा आक्रोश हड़ताली कर्मचारियों में सफाई एजेंसी के साथ-साथ नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ भी भारी नाराजगी है। कर्मियों का कहना है कि इतने दिनों से शहर की सफाई व्यवस्था ठप है और गरीब मजदूर दाने-दाने को तरस रहे हैं, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी उनकी जायज मांगों पर सहानुभूति दिखाना तो दूर, बात करने तक को तैयार नहीं हैं। वार्ता कर गतिरोध तोड़ने के बजाय पुलिस के दम पर आंदोलन को कुचलने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राज साहिल ने कहा कि कुछ नए मजदूरों को रखा गया है एजेंसी के द्वारा, हड़ताली मजदूरों को कंपनी वालों ने हटा दिया है, अब नए मजदूर लोग सफाई करेंगे, रविवार को नए मजदूर सफाई करने गए थे जिसका हड़ताली मजदूरों ने विरोध किया, इसको लेकर थाना में आवेदन भी दिया गया है।
वही इस संबंध में थाना अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि नप स्वच्छता प्रबंधन के द्वारा 19 हड़ताली मजदूरों के विरुद्ध आवेदन दिया गया है जिसका जाँच किया जा रहा हैं।


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