TMC के बैंक खातों में रखे 440 करोड़ रुपये फ्रीज; बागी विधायकों की शिकायत पर कार्रवाई।
बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब 440 करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है
स्वतंत्र प्रभात।
ब्यूरो प्रयागराज।
बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब 440 करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है, जिन्होंने इन पैसों के स्रोत की जाँच की मांग की थी। पहले से ही बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब इस कार्रवाई से एक और बड़ा झटका लगा है।
इस ताज़ घटना से पार्टी में पैसे के लेन देन पर नियंत्रण को लेकर चल रही आंतरिक लड़ाई और भी तेज हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी का गुट अब पार्टी के लेन देन में गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक में रखे गए इन तीन खातों पर 'डेबिट फ्रीज' लगा दिया गया है। इसका मतलब है कि इन खातों से पैसे निकाले या बाहर ट्रांसफर नहीं किए जा सकते हैं। हालााँकि, इन खातों में पैसे जमा किए जा सकते हैं।
यह कार्रवाई हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी में चल रही टूट-फूट के बीच हुई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में क़रीब 60 विधायकों ने बगवात की है। अब पार्टी के संगठन और पैसे पर नियंत्रण की कोशिश चल रही है। ऋतब्रत बनर्जी गुट के 10 विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें एफआईआर दर्ज करने तथा पूरी जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत में इन बागी विधायकों ने पूछा है कि इन खातों में जमा इतना बड़ा पैसा कहाँ से आया? उन्होंने जाँच एजेंसियों से यह पता लगाने को कहा है कि क्या यह पैसा वैध स्रोतों से आया या कट-मनी, सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल, घोटालों आदि गैरकानूनी गतिविधियों से जमा किया गया।
बागियों की शिकायत की कॉपी में कहा गया है कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि गैरकानूनी गतिविधियों से पैसा जमा किया गया हो सकता है, जिसमें प्रभाव का दुरुपयोग, बेईमानी से वित्तीय लेन-देन और अवैध वसूली शामिल है।
बाग़ी विधायकों की शिकायत से कुछ दिन पहले ही वरिष्ठ टीएमसी नेता अरूप विश्वास ने बैंक को चिट्ठी लिखकर खातों की सुरक्षा और ट्रांजेक्शन रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी के 500 करोड़ रुपये से ज़्यादा के जमा को तब तक किसी को ऑपरेट नहीं करने देना चाहिए, जब तक पार्टी में नेतृत्व विवाद सुलझ न जाए।
बिस्वास ने खातों के मैनेजमेंट और कंट्रोल को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें फ्रीज़ करने की मांग की थी, वहीं बागी विधायकों ने अब फंड के सोर्स की आपराधिक जांच की मांग की है। खास बात यह है कि ये शिकायतें उसी साइबर क्राइम थाने में की गई हैं, जहां पहले अरूप विश्वास के ख़िलाफ़ लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे वाले विवाद में केस चल रहा है।


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