जनजाति सांस्कृतिक समागम में शामिल होने दिल्ली रवाना हुआ सोनभद्र का जत्था, धर्मांतरण के मुद्दे पर सौंपेंगे ज्ञापन
यात्रा का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि जनजातीय भाइयों को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित कराना है-संतोष सिंह गोंड
चोपन / सोनभद्र -
जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वावधान में 24 मई 2026, रविवार को नई दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित होने वाले जनजाति सांस्कृतिक समागम में भाग लेने के लिए सोनभद्र जिले से बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग रवाना हुए। शनिवार को चोपन ब्लॉक से 84 लोगों का जत्था उत्साह और जोश के साथ नई दिल्ली के लिए प्रस्थान किया। यात्रा की शुरुआत भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों के बीच हुई। प्रतिभागियों ने समागम में शामिल होकर जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का संकल्प लिया।
जनजाति सुरक्षा मंच के प्रांत संयोजक संतोष सिंह गोंड ने बताया कि यह समागम जनजातीय समाज की सांस्कृतिक पहचान, अधिकारों और धर्मांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लेकर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग कार्यक्रम में भाग लेने पहुंच रहे हैं। चोपन ब्लॉक से दो बसों के माध्यम से लोगों को रवाना किया गया है, जबकि जिले के अन्य ब्लॉकों से भी बसों की व्यवस्था की गई है। संतोष सिंह गोंड ने बताया कि जिले से कुल 14 बसें समागम के लिए भेजी गई हैं। इनमें विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगर पंचायत क्षेत्रों के आदिवासी समाज के लोग शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि समागम के दौरान धर्मांतरण के मुद्दे पर जनजातीय समाज की चिंताओं और मांगों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को ज्ञापन सौंपा जाएगा। मंच को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि जनजातीय भाइयों को देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से परिचित कराना भी है। नई दिल्ली पहुंचने पर प्रतिभागियों को लाल किला सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराने की भी योजना है।
समागम में देशभर से हजारों की संख्या में जनजातीय समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों का मानना है कि यह कार्यक्रम जनजातीय समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से रखने का अवसर प्रदान करेगा।


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