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विंध्य भारत गैस एजेंसी हलिया सिर्फ सिलेंडर ले जाकर फोटो खिंचवाने के लिए बाजार में भेजा जाता है फोटो खींचने के बाद वापस चले जाते हैं।
गैस सिलेंडर होम डिलीवरी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश कुछ लोगों को देकर बाकी फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं गैस सिलेंडर के कर्मचारी
हलिया मीरजापुर।
संवाददाता प्रवीण तिवारी।
मीरजापुर। विंध्या भारत गैस एजेंसी हलिया से चल कर बरौधा आई लेकिन पर्ची भी काटने में असफल रहा उद्देश्य एजेंसियों का था कि सिर्फ फोटो खिंचवाना बरौधा मे गैस वितरण किया गया कुछ लोगों को देखकर कुछ लोगों को नहीं दिया गया बाकी सिलेंडरों के साथ फोटो खिंचवाकर सिलेंडर लेकर सिलेंडर के कर्मचारी चले गए हलिया उपभोक्ताओं के साथ।
जनवरी के बाद से ही किया जा रहा है गैस एजेंसी के द्वारा नाटक शुक्रवार को पहली बार ही सही लेकिन कुछ लोगों को बरौधा में गैस वितरण किया गया वह भी शिकवा शिकायत के बाद बेलन बरौधा के किशना कुमार ने आरजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि ।18 अप्रैल को तहसील लालगंज प्रशासन एवं विंध्य भारत गैस एजेंसी हलिया के प्रोपराइटर प्रेम शंकर सिंह के बीच एक सामंजस बैठाया गया की।

बहुत जल्द यानी 2 से 3 दिन के अंदर विंध्य भारत गैस एजेंसी हलिया की लिंक शाखा को बरौधा लालगंज एवं पतवार में खोला जाएगा जिससे उपभोक्ताओं को बरौधा या लालगंज से हलिया गैस एजेंसी पर पर्ची कटवाने व गैस लेने करीब 20 से 22 किलोमीटर दूरी नहीं आना पड़ेगा इस प्रकार से विंध्य गैस एजेंसी हलिया द्वारा तहसील प्रशासन को और आम जनमानस को सूचित किया गया लेकिन बड़े दुख: और कष्ट का विषय है की तहसील प्रशासन और विंध्य गैस एजेंसी संचालक प्रेम शंकर की।
बातें सिर्फ जुबान और कागज तक रह गई और आज भी उपभोक्ता अपने गैस सिलेंडर के बुकिंग और रिफिल के लिए चिल्लाती धूप में बरौधा से हलिया करीब 22 किलोमीटर जाने के लिए मजबूर हैं उपभोक्ताओं की समस्या को जिला पूर्ति अधिकारी नही सुन रहे हैं । और ना तो तहसील प्रशासन और ना ही गैस एजेंसी संचालक प्रेम शंकर को दिखाई नहीं दे रहा है उपभोक्ताओं के साथ जो इस प्रकार का रवैया विंध्या भारत गैस एजेंसी का है
इससे यह साफ साफ-साफ दिख रहा है। की किस प्रकार से वर्तमान सरकार की छवि को धूमिल किया जा रहा है लेकिन जनता जानती है कि प्रदेश के मुखिया राजा अपने प्रजा अपने आम जन मानस के हित के लिए सदैव तत्पर हैं और समर्पित हैं लेकिन कुछ महानुभाव के कारण सरकार को बदनाम किया जा रहा है जो बिल्कुल ही ठीक नहीं है।


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