नीट 2026 पेपर लीक के खिलाफ़ दिशा छात्र संगठन द्वारा NTA चेयरमैन का पुतला दहन किया गया।

आज दिशा छात्र संगठन, इलाहाबाद इकाई द्वारा प्रयागराज के बक्शी बांध सब्जी मंडी में NTA द्वारा कराए गए पेपर लीक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन रखा गया। 

Abhinav Shukla Picture
Published On

स्वतंत्र प्रभात।

ब्यूरो प्रयागराज 

आज दिशा छात्र संगठन, इलाहाबाद इकाई द्वारा प्रयागराज के बक्शी बांध सब्जी मंडी में NTA द्वारा कराए गए पेपर लीक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन रखा गया। 
बात रखते हुए प्रशान्त ने कहा कि 03 मई 2026 को आयोजित नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरों ने एक बार फिर देश की शिक्षा व्यवस्था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वर्ष आयोजित हुई परीक्षा में लगभग 22,05,035 छात्रों ने भाग लिया था, जिनका भविष्य अब असमंजस और मानसिक तनाव के बीच लटक गया है। परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में 720 में से लगभग 600 अंकों तक के "गेस पेपर" घूम रहे थे, जिसके बाद 07 मई को पेपर लीक की खबर सामने आई।
दिशा के चन्द्रप्रकाश ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले वर्षों में भी एनटीए द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। लगातार हो रहे पेपर लीक लाखों छात्रों और युवाओं के मेहनत, सपनों और भविष्य के साथ क्रूर मज़ाक हैं। इन घटनाओं ने छात्रों के भीतर गहरा मानसिक दबाव पैदा किया है, जिसके चलते देश के कई शैक्षणिक शहरों में आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएँ भी बढ़ी हैं।  

यह समस्या केवल कुछ कर्मचारियों या अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते निजीकरण, ठेकेदारी और मुनाफाखोरी का नतीजा है। पहले प्रश्नपत्र सरकारी प्रेसों में छपते थे, जहाँ सुरक्षा अपेक्षाकृत मजबूत होती थी, लेकिन अब प्रश्नपत्रों की छपाई निजी कंपनियों और ठेकेदारों को सौंप दी गई है। मुनाफे पर टिकी यह व्यवस्था शिक्षा को भी बाज़ार में बदल चुकी है, जहाँ छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ आम बात हो गई है।
हर बार की तरह इस बार भी सरकार और प्रशासन कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर या जांच कमेटी बैठाकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश करेगा, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। ज़रूरत इस पूरी भ्रष्ट और मुनाफाखोर व्यवस्था पर सवाल उठाने की है, जिसने शिक्षा को भी व्यापार बना दिया है।

 नीट 2026 परीक्षा को तत्काल रद्द कर निष्पक्ष पुनः परीक्षा करायी जाए।
•पेपर लीक और धांधली में शामिल सभी लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
• पेपर लीक रोकने के लिए कठोर और प्रभावी कानून बनाया जाए।
• धांधली से प्रभावित छात्रों को मुआवज़ा दिया जाए तथा परीक्षा फॉर्म की पूरी फीस वापस की जाए।
•प्रश्नपत्रों की छपाई निजी प्रेसों की बजाय सरकारी प्रेसों में करायी जाए कि मांग की गई।

इस प्रदर्शन में चन्द्रप्रकाश, प्रशांत, निधि, सौम्या, चंचल, अमन आदि उपस्थित रहे। 


About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें

नवीनतम समाचार