बछोटे भाई ने बड़े भाई के पूरे परिवार को काटा
आंगनबाड़ी ड्रेस से मिला सूटकेस में बंद चार लाशों का सुराग
पटना ,बिहार ब्यूरो स्वतंत्त्र प्रभात
बिहार के कैमूर में एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां छोटे भाई विकास गुप्ता ने साथियों संग मिलकर अपने बड़े भाई, भाभी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। शवों के टुकड़े कर सूटकेस और बोरियों में अलग-अलग नदी-नहरों में फेंक दिया। बिहार के कैमूर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात को एक भाई ने अंजाम दिया था। रामगढ़ के डहरक गांव में छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी और दो बच्चों की धारदार हथियार से काटकर निर्मम हत्या कर दी। हत्या की ये वारदात इतनी वीभत्स थी कि आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए सभी चारों शवों के सिर धड़ से अलग किए। फिर धड़ को सूटकेस और बोरियों में भरकर नदी में फेंक दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब पुलिस को नदी और नहर से सिर कटी लाशें बरामद हुईं। मुख्य आरोपी भाई को मध्य प्रदेश से दबोचा गया।
छोटे भाई को पुलिस ने मध्य प्रदेश से पकड़ा
सूटकेस और बोरियों से खुला खौफनाक राज
इस सनसनीखेज वारदात की शुरुआत 10 मई को हुई, जब चौसा-मोहनियां एनएच-319ए पर स्थित पनसेरवा दुर्गावती नदी से दो सूटकेस मिले, जिनमें सिर कटे शव भरे थे। इसके ठीक दो दिन बाद अभैदे विश्वकर्मा पंप नहर की पुलिया के पास दो बोरियों में शवों के अन्य हिस्से बरामद हुए। एक साथ चार सिर कटी लाशें मिलने से कैमूर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए तुरंत एसआईटी (SIT), डॉग स्क्वायड और एफएसएल (FSL) की टीमों को तफ्तीश में लगाया गया। मासूम की आंगनबाड़ी ड्रेस से मिला सुराग तफ्तीश के दौरान शवों के पास से एक बच्ची की आंगनबाड़ी ड्रेस मिली, जो जांच में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई।
छानबीन में पता चला कि डहरक गांव के कृष्ण मुरारी गुप्ता की बेटी कृति 6 मई से आंगनबाड़ी नहीं आ रही थी।
एसपी हरिमोहन शुक्ला और एसडीपीओ प्रदीप कुमार की मौजूदगी में जब कृष्ण मुरारी के बंद घर का ताला तोड़ा गया।जब पुलिस घर के अंदर घुसी तो खून के धब्बे और बदबू फैली हुई थी।कृष्ण मुरारी गुप्ता का भाइयों से था विवाद ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक कृष्ण मुरारी गुप्ता चार भाइयों में सबसे बड़े था और उसका स्वभाव काफी विवादित था। उसका अपने भाइयों से अक्सर झगड़ा होता रहता था और वो कथित तौर पर अपने भाइयों की शादी भी नहीं होने दे रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कृष्ण मुरारी का खुद का आपराधिक इतिहास था। वो साल 2020 में अपने ही साले सूरज गुप्ता की हत्या के आरोप में जेल भी जा चुका था। यही पारिवारिक रंजिश और पुराना विवाद इस नरसंहार की मुख्य वजह बना।
मध्य प्रदेश से आरोपी भाई गिरफ्तार
मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि मोबाइल सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी भाई विकास कुमार गुप्ता को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। पुलिस की पूछताछ के बाद अकोढ़ी के पास दुर्गावती नदी किनारे से एक महिला और एक पुरुष का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया गया है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि इस जघन्य हत्याकांड को विकास ने तीन-चार साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया है, जिसकी तह तक जाने के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है। बाकी दो बच्चों के सिर की मोबाइल सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी भाई विकास कुमार गुप्ता को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। पुलिस की पूछताछ के बाद अकोढ़ी के पास दुर्गावती नदी किनारे से एक महिला और एक पुरुष का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया गया है।मोहनिया एसडीपीओ प्रदीप कुमार


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