नगर परिषद मसौढ़ी में जनगणना कार्य में लापरवाही , मृत्य को बनाया मुखिया

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स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता मनोज कुमार 
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
 
भारत सरकार द्वारा संचालित डिजिटल जनगणना के तहत सेल्फ एन्यूमरेशन अभियान को सफल बनाना और साथ ही प्रगणक को घर-घर जाकर सावधानीपूर्वक सही और सटीक जानकारी प्राप्त करके मोबाइल ऐप के जरिए जनगणना का कार्य करना था। इस कार्य में कथित लापरवाही का एक मामला सामने आया है। मामला नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला मालिकाना, वार्ड संख्या 31 का है। जहां एक परिवार के मृत को ही मुखिया बना दिया और बगैर घर के मुखिया से मिले ही 33 प्रश्नों को प्रगणक गजेन्द्र राज ने डाटा भरकर सुपरवाइजर को भेज दिया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से जनगणना करने के बजाय बिना किसी जानकारी के स्वयं ही 33 प्रश्नों का उत्तर भरकर डेटा सुपरवाइजर को भेज दिया। जबकि सरकार इसी जनगणना के आधार पर योजनाएं बनाती हैं और नीति तैयार करती है।
 
जानकारी के अनुसार, जनगणना के दौरान प्रगणक केवल एक बार मोहल्ले में पहुंचे थे और कुछ लोगों से कॉपी पर दो-तीन सामान्य प्रश्न पूछकर चले गए। इसके बाद उन्होंने न तो डिजिटल डिवाइस के माध्यम से पूरी जानकारी दर्ज की और न ही लोगों से जनगणना से संबंधित आईडी ली। आरोप है कि प्रगणक ने अपनी मर्जी से ही सभी 33 प्रश्नों का उत्तर भर दिया।मामले का खुलासा मंगलवार, 12 मई 2026 को तब हुआ जब स्थानीय लोगों ने सुपरवाइजर सलीम को फोन कर बताया कि उनके मोहल्ले में अभी तक डिजिटल माध्यम से जनगणना नहीं की गई है। इस पर सुपरवाइजर ने बताया कि संबंधित प्रगणक द्वारा करीब 15 से 20 लोगों का डेटा पहले ही जमा किया जा चुका है। शिकायत मिलने के बाद सुपरवाइजर ने प्रगणक को फटकार लगाई।
 
इसके बाद प्रगणक शिकायतकर्ता के पास पहुंचे और जनगणना से संबंधित डेटा मांगने लगे। इस पर शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि बिना 33 प्रश्नों का उत्तर लिए उनकी जनगणना कैसे पूरी कर दी गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने स्वयं जनगणना कर ली थी और प्रगणक के आने का इंतजार कर रहे थे ताकि अपना आईडी साझा कर सकें। उसी क्रम में पता चला के मृत को मुखिया बना दिया है जबकि वह 14 साल पहले मृत्यु हो गई हैं। पता नहीं इस तरह के कितने उत्तर गलत भरे गए हैं यह जांच का विषय है।आसपास के अन्य लोगों ने भी बताया कि उनके घरों में डिजिटल डिवाइस के जरिए जनगणना नहीं की गई। जबकि भारत सरकार द्वारा पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना कराई जा रही है। ऐसे में प्रगणक की इस कथित लापरवाही पर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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