बिहार में फिर एक्टिव हुए ‘कड़क आईए एस’ केके पाठक
मोदी सरकार ने सौंपी कानून सुधार की बड़ी जिम्मेदारी
स्वतंत्र प्रभात | पटना , बिहार ब्यूरो
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
बिहार के शिक्षा विभाग में सख्त कार्यशैली और ताबड़तोड़ फैसलों से सुर्खियों में रहे चर्चित आई एएस अधिकारी केके पाठक एक बार फिर पटना पहुंच चुके हैं। लेकिन खबर में टुइस्त यह है कि इस बार वे बिहार सरकार नहीं, बल्कि केंद्र की मोदी सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नई जिम्मेदारी निभा रहे हैं। बिहार पहुँचते ही उन्होंने अफसरों को सख्त निर्देश देते हुए लंबित मामलों को 15 दिनों के भीतर निपटाने का अल्टीमेटम दे दिया।
‘डीरेगुलेशन’ के लंबित काम 15 दिन में पूरे करें
वर्तमान में भारत सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय में विशेष सचिव के पद पर तैनात केके पाठक ने बिहार में नियम-कानूनों को सरल बनाने से जुड़े ‘डीरेगुलेशन चरण-दो’ की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों को अगले 15 दिनों के भीतर निपटाकर पोर्टल पर अपलोड किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निवेश बढ़ाने और पुराने कानून खत्म करने पर जोर
पटना में शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केके पाठक ने निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार सुगमता सुधारने और पुराने अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में ‘डीरेगुलेशन चरण-एक’ और ‘चरण-दो’ के कार्यों की समीक्षा की गई।
बैठक की अध्यक्षता बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की। इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और नोडल पदाधिकारी मौजूद रहे।
‘जेल नहीं, जुर्माने का प्रावधान हो’
केके पाठक ने कहा कि व्यवसायिक कानूनों में छोटी तकनीकी गलतियों के लिए जेल जैसे कठोर प्रावधानों को हटाकर आर्थिक दंड में बदला जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी सुधारात्मक प्रस्ताव में एक से अधिक विभाग जुड़े हों, तो कैबिनेट सचिवालय विभाग समन्वय की भूमिका निभाए ताकि फाइलें लंबित न रहें और सुधार कार्य समय पर पूरे हों।
हर शुक्रवार देनी होगी प्रगति रिपोर्ट विशेष सचिव ने सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रत्येक शुक्रवार अपनी प्रगति रिपोर्ट कैबिनेट सचिवालय को भेजें। उन्होंने कहा कि सुधार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।


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