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'बीइंग रेस्पॉन्सिबल' के वरिष्ठजन डे केयर सेंटर ने पूर्ण किए तीन गौरवशाली वर्ष

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दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट
 
ब्यूरो प्रयागराज। "यस्य वृद्धाः गृहे नित्यं तस्य तत्र वसति लक्ष्मीः", अर्थात जिस घर में बुज़ुर्गों का सान्निध्य होता है, वहाँ सुख और समृद्धि स्वयं निवास करते हैं। इसी भाव को आत्मसात करते हुए, इंदौर की जानी-मानी समाजसेवी संस्था 'रेस्पॉन्सिबल' द्वारा संचालित वरिष्ठजन डे केयर सेंटर ने अपने तीन सफल वर्ष पूर्ण कर लिए। तीसरी वर्षगाँठ का उत्सव शुभ-लाभ रेसिडेंसी स्थित प्रगति स्थल पर धूमधाम और आत्मीयता के साथ मनाया गया।
 
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई। मंच पर गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में सोसाइटी के अध्यक्ष सीए मनीष अग्रवाल और चीफ गेस्ट के रूप में संस्था के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम उपस्थित रहे। स्वागत भाषण में गोपाल माहेश्वरी जी ने कहा कि यह केंद्र सिर्फ एक स्थान नहीं, बल्कि एक परिवार है, जहाँ वरिष्ठजन अपनापन महसूस करते हैं। प्रमुख भाषण में सेंटर के सबसे वरिष्ठ सदस्य आई.आर. कुमार जी ने बुज़ुर्गों को समाज की दिशा बताने वाली शक्ति बताया और कहा कि जो समाज अपने वरिष्ठजनों का सम्मान करता है, वही सही मायने में आगे बढ़ता है।
 
सम्मान समारोह के दौरान अध्यक्ष एवं गेस्ट ऑफ ऑनर सीए मनीष अग्रवाल जी सहित कार्यकारिणी सदस्यों- आई.आर. कुमार (चेयरमैन), नरेशचंद माहेश्वरी (उपाध्यक्ष), गोपाल माहेश्वरी (अध्यक्ष), आर.डी. खंडेलवाल (सचिव) और श्रीमती मधुलिका अशोक गुप्ता (कार्यकारिणी सदस्य) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वरिष्ठजनों एवं विशेष आमंत्रितों का भेंट देकर सम्मान किया गया। इस विशेष संध्या में संगीत की मधुर छटा भी बिखरी। आर.डी. खंडेलवाल जी ने अपनी सुमधुर आवाज़ में गीतों की प्रस्तुति देकर तथा वरिष्ठ सदस्या सुचित्रा भौरास्कर जी ने अपनी हस्तलिखित किताब की एक प्रमुख कविता पढ़कर समाँ बाँध दिया। संस्था की ओर से विनीत भट्ट, सुरभि चौरसिया और रोहित ढोलिया ने कार्यक्रम की बागडोर संभाली।
 
इस अवसर पर सदस्यों की संख्या बढ़ाने, गतिविधियों का विस्तार करने और अधिक वरिष्ठजनों को इस परिवार से जोड़ने जैसे अनेक संकल्प लिए गए। डॉ. अतुल मलिकराम ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह पहल सेवा नहीं, हमारा कर्तव्य है। सभी सेंटर्स के साथ हमारा उद्देश्य यही है कि वरिष्ठजनों को उनके घर के अतिरिक्त एक और घर मिले, जहाँ उन्हें अपने हमउम्रों का साथ मिले और वे खुलकर एक-दूसरे के साथ खुशियाँ बाँटें। वहीं, मनीष अग्रवाल जी ने इसे समाज के लिए प्रेरक मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में सोसाइटी की समस्त कार्यकारिणी इस पहल की सराहना करती है। आई.आर. कुमार जी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में यह केंद्र और अधिक ऊँचाइयों को छुएगा।
 
समापन भाषण में मधुलिका गुप्ता जी ने कहा कि बचपन और बुढ़ापे में एक समानता है, दोनों को सबसे अधिक जरूरत होती है प्यार, साथ और सुनने वाले कानों की। बीइंग रेस्पॉन्सिबल इसका जीवंत माध्यम बना है। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमामय समापन हुआ।

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