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ईरान पर हमले तेज होंगे, ‘बड़ी लहर आनी बाकी’ – ट्रंप की नई चेतावनी; इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर धमाके
ईरान के इस्फहान स्थित परमाणु ठिकाने पर नए धमाकों की खबरें सामने आई हैं
नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी और तेज हो सकती है और “बड़ी लहर आनी बाकी है।” एक इंटरव्यू में उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना चार से पांच सप्ताह तक अभियान जारी रख सकती है। इसी बीच ईरान के इस्फहान स्थित परमाणु ठिकाने पर नए धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
‘तीव्रता बनाए रखना मुश्किल नहीं’
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के लिए लड़ाई की तीव्रता बनाए रखना कठिन नहीं होगा। उनका दावा है कि लक्ष्य ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह निष्क्रिय करना है। हालांकि, उन्होंने सैन्य रणनीति के विस्तृत विवरण साझा नहीं किए।
शासन परिवर्तन पर विरोधाभासी संकेत
ईरान में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर ट्रंप के बयान अलग-अलग संकेत देते नजर आए। एक ओर उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के विशेष सैन्य बल, जिनमें Islamic Revolutionary Guard Corps के अधिकारी शामिल हैं, अंततः जनता के सामने हथियार डाल सकते हैं।
दूसरी ओर, उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अपनाया गया मॉडल “आदर्श परिदृश्य” था। उन्होंने Nicolás Maduro का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय उन्होंने विशेष बलों को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, ईरान में सर्वोच्च नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके पास “तीन अच्छे विकल्प” हैं, लेकिन फिलहाल उनका खुलासा नहीं करेंगे।
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ट्रंप ने यह भी कहा कि मौजूदा सरकार को हटाने का फैसला अंततः ईरानी जनता पर निर्भर करेगा। उनके मुताबिक, “वे वर्षों से बदलाव की बात कर रहे हैं, अब उन्हें अवसर मिलेगा।” यह बयान उनके पहले दिए गए वेनेजुएला मॉडल के संकेत से अलग माना जा रहा है।
सार्वजनिक मंच से दूरी, सोशल मीडिया पर घोषणाएं
राष्ट्रपति ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई से जुड़ी जानकारी मुख्य रूप से इंटरनेट मीडिया के जरिए साझा की है। तड़के जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने बड़े सैन्य हमले की घोषणा की। इसके बाद भी उनकी टिप्पणियां वीडियो संदेशों और चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत तक सीमित रहीं।
Read More एस.ओ.विश्व मोहन राय के नेतृत्व में कूट रचित दस्तावेजों से फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले 4 दबोचे गएरिपोर्ट्स के मुताबिक, Ali Khamenei को लेकर आई खबरों पर भी उन्होंने कोई औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की। बताया गया कि वह पाम बीच स्थित अपने निजी क्लब Mar-a-Lago में मौजूद थे और वहीं सीमित दायरे में जानकारी साझा की।
रणनीति और पारदर्शिता पर सवाल
हमले से पहले भी ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से विस्तृत रणनीतिक तर्क पेश नहीं किए थे। अब लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से की जा रही घोषणाओं के चलते उनकी रणनीति और पारदर्शिता को लेकर विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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