गोरखपुर में क्रिप्टो-बिटक्वाइन घोटाला: लाखों की लूट का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

गोरखपुर पुलिस ने एक साथ पकड़े दो बड़े आरोपी

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
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गोरखपुर ब्युरो कार्यालय

  ( उत्तर०प्रदेश)

गोरखपुर, 02 मार्च 2026 – क्रिप्टो और बिटक्वाइन के नाम पर लोगों को लुभाकर करोड़ों का घोटाला करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का बड़ा खुलासा! गोरखपुर पुलिस ने मात्र कुछ घंटों के भीतर दो खतरनाक आरोपी गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक लैपटॉप और दो मोबाइल बरामद किए गए। आरोपी अवैध जमा योजनाएं चलाकर सैकड़ों निर्दोष लोगों का पैसा हड़प चुके थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर  डॉ कौस्तुभ के सख्त निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी कैंट और थानाध्यक्ष नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव थाना रामगढ़ताल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार राय की टीम ने छापेमारी की। टीम ने ग्राम बहोरवा, थाना खामपार, देवरिया निवासी संजीव कुमार कुशवाहा (पुत्र स्व. बृज किशोर कुशवाहा) और ग्राम बन्सहिया, थाना गौरी बाजार, देवरिया निवासी अंकित श्रीवास्तव (पुत्र संजय श्रीवास्तव) को रंगे हाथों पकड़ लिया।

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अभियुक्त संजीव कुमार कुशवाहा अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को “बिटक्वाइन में निवेश करो, 300-500% रिटर्न मिलेगा” का झांसा देता था। एक बार पैसा जमा कराने के बाद आरोपी गायब हो जाते थे। कई पीड़ितों ने पहले ही लाखों रुपये गंवा दिए थे। यह पूरी तरह अवैध जमा योजना थी, जिसके तहत थाना रामगढ़ताल में मुकदमा संख्या 126/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 111(2)(ख), 61(2) और अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम 2019 की धारा 3/21(2) के तहत कार्रवाई हो रही है।

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संजीव कुमार कुशवाहा का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक है। उसके खिलाफ देवरिया के खामपार थाने में 2022 में हत्या (धारा 302), आपराधिक षड़यंत्र (120B) और गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा पहले से दर्ज है। वहीं दूसरा आरोपी अंकित श्रीवास्तव भी गोरखपुर कैंट थाने में धोखाधड़ी, मारपीट और अपहरण जैसे गंभीर मामलों में वांछित था।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक उपेन्द्र निर्मल, हेड कांस्टेबल हृदेश कुमार सिंह और कांस्टेबल बृजेश चौहान शामिल रहे। 

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा, “क्रिप्टो के नाम पर हो रहे ऐसे घोटालों पर हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। पीड़ितों से अपील है कि वे तुरंत थाने आएं।” यह गिरफ्तारी उन हजारों युवाओं के लिए बड़ी राहत है जो आजकल ऑनलाइन निवेश के चक्कर में अपना जीवन भर का बचत गंवा बैठते हैं। गोरखपुर पुलिस का यह अभियान साबित करता है कि अपराधी कहीं भी छिपे हों, अब उनकी खैर नहीं!

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