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मिश्रिख में किसान सम्मेलन आयोजित
विदेशी कृषि उत्पादों के खिलाफ मुखर हुआ राष्ट्रीय किसान मंच
मिश्रिख तहसील क्षेत्र में राष्ट्रीय किसान मंच के तत्वावधान में एक किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों के हितों से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में खेती का वास्तविक लाभ किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है, बल्कि बड़े उद्योगपतियों को इसका अधिक फायदा मिल रहा है। साथ ही खेती योग्य भूमि लगातार घटने से ग्रामीण युवाओं के सामने रोजगार का संकट और गहराता जा रहा है।
प्रदेश प्रभारी मोहित मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भारतीय बाजार में अमेरिकी अनाज, फल और सब्जियों को बिना टैक्स प्रवेश की अनुमति दी गई, तो देश के किसानों की फसलें उचित मूल्य पर नहीं बिक पाएंगी। इससे किसानों को आर्थिक तंगी और भुखमरी जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय किसान मंच इसके खिलाफ संघर्ष करेगा और किसी भी हालत में विदेशी कृषि उत्पादों के खुले बाजार का विरोध किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन तहसील अध्यक्ष अमरीश कनौजिया के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर तहसील मिश्रिख कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में ज्ञानेंद्र सिंह, रोहित राजवंशी, रामस्वरूप राजवंशी, भारतेंदु मिश्र, राजन मिश्रा, जगदीश राठौर, परीक्षित सिंह, धर्मेंद्र सिंह, कमलेश सिंह, मणिकांत कनौजिया, रामगोपाल कनौजिया, रमेश सिंह, राकेश कटियार, सर्वेश राजवंशी (प्रधान), के.के. मिश्रा (पूर्व प्रधान) सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
इसके अलावा कई गांवों के किसानों ने राष्ट्रीय किसान मंच की सदस्यता भी ग्रहण की। मिर्जा अख्तर बेग और मिर्जा नईम बेग भी कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहे।सम्मेलन के अंत में वक्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि ऐसी कृषि नीतियां बनाई जाएं जो किसान को मजबूत करें, न कि उसे बाजार की मार के हवाले छोड़ दें। किसानों ने खेती बचाने और गांवों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए संगठित संघर्ष का संकल्प भी लिया।

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