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हरिद्वार से संभल तक… बुर्के में तमन्ना मलिक की अनोखी कांवड़ यात्रा, महाशिवरात्रि पर करेंगी जलाभिषेक
अमरोहा पहुंची यात्रा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रेम विवाह के बाद आस्था की मिसाल आस्था और सद्भाव का प्रतीक बनी यात्रा
संभल। जनपद संभल के थाना असमोली क्षेत्र के बदनपुर गुसाई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक इन दिनों अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। तमन्ना ने बुर्का पहनकर हरिद्वार से गंगाजल उठाया और महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पैदल यात्रा शुरू की है।
तमन्ना अपने पति अमन त्यागी के साथ हरिद्वार से संभल तक कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उनके साथ सैकड़ों श्रद्धालु भी जुड़ चुके हैं। यह यात्रा आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दे रही है।
आस्था और सद्भाव का प्रतीक बनी यात्रा
महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का प्रमुख पर्व है, जो इस वर्ष 15 फरवरी को मनाया जाएगा। इसी दिन तमन्ना अपने क्षेत्र के शिव मंदिर में गंगाजल से जलाभिषेक करेंगी। यात्रा के दौरान वह “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के जयकारों के साथ आगे बढ़ रही हैं।
तमन्ना का कहना है कि यह यात्रा उनके लिए श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वह समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव का संदेश देना चाहती हैं।
प्रेम विवाह के बाद आस्था की मिसाल
तमन्ना ने तीन वर्ष पूर्व अपने ही गांव के अमन त्यागी से प्रेम विवाह किया था। वह यासीन की बेटी हैं और अपने परिवार के साथ गांव में ही रहती हैं। उनकी यह कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता की मिसाल बनकर सामने आई है।
अमरोहा पहुंची यात्रा, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शुक्रवार को तमन्ना की कांवड़ यात्रा अमरोहा के नौगंवा सादात क्षेत्र तक पहुंच चुकी थी। उनके साथ बड़ी संख्या में कांवड़िये और परिजन मौजूद हैं। यात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
Read More ओबरा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की सजीव झांकी देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा पांडालअधिकारियों के अनुसार, यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
क्षेत्र में बनी चर्चा का विषय
तमन्ना मलिक की यह अनोखी कांवड़ यात्रा पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे आस्था, प्रेम और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मान रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी पहल समाज को जोड़ने का काम करती है और आपसी भाईचारे को मजबूत करती है।

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