दिल्ली में तीन दिवसीय 'गो-भक्त महिला सम्मेलन' का भव्य समापन

नारी शक्ति ने लिया गो-संरक्षण का संकल्प

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नई दिल्ली | भारतीय गोवंश रक्षण-संवर्धन परिषद (विश्व हिंदू परिषद-गोरक्षा विभाग द्वारा छतरपुर, दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय 'गो-भक्त महिला सम्मेलन' का भारी उत्साह और संकल्प के साथ समापन हुआ। समापन सत्र में संगठन के शीर्ष केंद्रीय नेतृत्व और देशभर से आए प्रतिनिधियों ने भारतीय नस्ल की गायों के संरक्षण और संवर्धन में महिलाओं की अग्रणी भूमिका पर बल दिया।
 
समापन समारोह में विहिप और गोरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिनमें मुख्य रूप से उपस्थित रहे, स्थाणुमलयन जी,केंद्रीय संयुक्त महामंत्री,विश्व हिंदू परिषद दिनेश उपाध्याय जी,राष्ट्रीय गोरक्षा प्रमुख।डॉ. गुरु प्रसाद जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष,भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद हुकुमचंद सावला जी,राष्ट्रीय संरक्षक,भारतीय गोरक्षा,डॉ. माधवी गोस्वामी जी,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय गोवंश रक्षण एवं संवर्धन परिषद, नंदिनी भोजराज जी,राष्ट्रीय गो-भक्त महिला प्रमुख कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय संयुक्त महामंत्री स्थाणुमलयन जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ और गौरी नारी दोनों पूजनीय हैं।जब मातृशक्ति गो-सेवा का बीड़ा उठाती है,तो वह कार्य निश्चित ही सिद्ध होता है।
 
राष्ट्रीय गोरक्षा प्रमुख श्री दिनेश उपाध्याय जी ने देश के प्रत्येक जिले और प्रखंड स्तर पर गो-भक्त महिलाओं की टोलियाँ बनाने का आह्वान किया  नंदिनी भोजराज जी ने सम्मेलन के निष्कर्ष साझा करते हुए बताया कि इन तीन दिनों में महिलाओं को गो-उत्पाद जैसे पंचगव्य धूप, खाद के निर्माण और उनके आर्थिक महत्व के बारे में प्रशिक्षित किया गया है,ताकि वे स्वावलंबी बनकर गो-सेवा कर सकें।

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