राजनीति
सपा प्रदेश अध्यक्ष की हुंकार, बोले- 'शिक्षा और स्वास्थ्य पर फेल सरकार
एसआईआर और वोटर लिस्ट पर सरकार को घेरा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की मंशा एसआईआर के जरिए एनआरसी कराने की थी,
कानपुर।
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल सोमवार को कानपुर पहुंचे। वे यहां समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के निजी निवास पर उनके पुत्र और पुत्रवधू को आशीर्वाद देने के लिए आए थे। दोपहर करीब 1:30 बजे हुए इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
एसआईआर और वोटर लिस्ट पर सरकार को घेरा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की मंशा एसआईआर के जरिए एनआरसी कराने की थी, लेकिन समाजवादी कार्यकर्ताओं ने इसे समझकर भारी संख्या में गणना प्रपत्र भरकर जमा किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सपा कार्यकर्ताओं ने प्रपत्र भरे, तो भाजपा की फर्जी वोटिंग (जो एक व्यक्ति द्वारा कई जगह की गई थी) का खुलासा हो गया। इससे घबराकर भाजपा अब बेईमानी पर उतर आई है और एसआईआर की तारीखें बढ़ा रही है।
इलाहाबाद की घटना का जिक्र हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इलाहाबाद के मऊआइमा क्षेत्र में प्रशासन द्वारा फॉर्म नंबर-7 प्रिंट कराकर सुपरवाइजर के माध्यम से बाजार में भेजा गया। जब समाजवादी कार्यकर्ता इसकी शिकायत लेकर एसडीएम के पास पहुंचे, तो एसडीएम कार्यालय छोड़कर चले गए। उन्होंने कहा कि यह सरकार शोषित, वंचित और पीड़ित लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाना चाहती है,
जो बाबा साहेब के लोकतंत्र की मूल भावना की हत्या है। 'चुनाव आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है' श्यामलाल पाल ने निर्वाचन आयोग पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इन धांधलियों की तमाम शिकायतें चुनाव आयोग से की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि अब संविधान और लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी हमारी है।
2027 और पीडीए की रणनीति आगामी चुनावों पर बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश से नफरत फैलाने वाली सरकार की विदाई तय है। यूपी ही देश के संविधान को बचाने का रास्ता तय करेगा। उन्होंने कहा कि जनता का गठबंधन ही सबसे बड़ा गठबंधन है, जो संविधान, लोकतंत्र और पीडीए के आरक्षण को बचाने के लिए है।

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