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CM के बयान पर शंकराचार्य का पलटवार, बोले— क्या समर्थन करने वाला ही माना जाएगा शंकराचार्य?
योगी आदित्यनाथ का बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री और शंकराचार्य के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस विवाद में अपनी बात रखी है।
🗣️ योगी आदित्यनाथ का बयान
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि—
“हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता। कानून से ऊपर कोई नहीं है, मैं भी नहीं। सभी को मर्यादा में रहना होगा।”
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति मनमाने ढंग से किसी पीठ का आचार्य बनकर समाज में भ्रम नहीं फैला सकता।
🔁 स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का पलटवार
सीएम योगी के बयान पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि—
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मुख्यमंत्री को तथ्यों की सही जानकारी नहीं है
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वर्ष 2015 में वह शंकराचार्य नहीं थे
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योगी आदित्यनाथ को महंत और मुख्यमंत्री का पद रिश्तेदारी के कारण मिला
उन्होंने आरोप लगाया कि—
“बीजेपी ऐसे लोगों को शंकराचार्य बनाना चाहती है जो सरकार की जी-हुजूरी करें। क्या जो समर्थन करे, वही शंकराचार्य कहलाएगा?”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी दावा किया कि उन्हें देश की अन्य तीन पीठों के शंकराचार्यों से मान्यता मिल चुकी है और उनका विधिवत पट्टाभिषेक हुआ है।
🏛️ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा—
“कोई चाहे जैसा चोला पहन ले, उसकी वाणी उसकी पोल खोल देती है। शंकराचार्य पर अपमानजनक टिप्पणी करना पाप है।”
उन्होंने इसे “शाब्दिक हिंसा” करार देते हुए सरकार समर्थकों पर भी कटाक्ष किया।
📍 विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद 18 फरवरी को मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान प्रयागराज में शुरू हुआ था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर दुर्व्यवहार और शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया था, जिसे लेकर मामला तूल पकड़ गया।
📰 निष्कर्ष
शंकराचार्य पद को लेकर चल रहा विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। मुख्यमंत्री, धार्मिक संत और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गहराने की संभावना जताई जा रही है।

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