तिब्बत में 3.3 तीव्रता का भूकंप, 10 किमी उथली गहराई पर दर्ज—NCS ने आफ्टरशॉक का अलर्ट जारी किया

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International Desk

नई दिल्ली। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने गुरुवार को तिब्बत में 3.3 तीव्रता का भूकंप आने की जानकारी दी। यह झटका 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर दर्ज किया गया, जो इसे आफ्टरशॉक के लिए अत्यधिक संवेदनशील बनाता है। NCS की रिपोर्ट के अनुसार, उथले भूकंपों से सतह पर अधिक कंपन महसूस होता है, जिससे नुकसान की आशंका भी ज्यादा रहती है।

18 नवंबर को भी महसूस किए गए थे झटके

इससे पहले 18 नवंबर को इसी क्षेत्र में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई भी 10 किमी ही थी। लगातार आ रहे इन झटकों ने क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियों की सक्रियता को एक बार फिर उजागर किया है।

उथले भूकंप क्यों होते हैं अधिक खतरनाक?

विशेषज्ञों के मुताबिक, गहराई कम होने पर भूकंपीय तरंगें तेजी से सतह तक पहुंचती हैं, जिससे:

तिब्बती पठार—विश्व का भूकंपीय हॉटस्पॉट

तिब्बती पठार भूकंपीय दृष्टि से दुनिया के सबसे सक्रिय क्षेत्रों में गिना जाता है। इसका कारण है भारतीय टेक्टोनिक प्लेट का यूरेशियन प्लेट से टकराव, जिसने:

  • हिमालय पर्वत श्रृंखला का निर्माण किया

  • पठार को ऊंचाई प्रदान की

  • क्षेत्र में कई भ्रंश रेखाओं को सक्रिय रखा

GPS डेटा और भूगर्भीय अध्ययनों से भी यह स्पष्ट होता है कि तिब्बती पठार पूर्व-पश्चिम दिशा में फैल रहा है, जिससे यहां नियमित अंतराल पर भूकंप आते रहते हैं।

NCS का अलर्ट जारी

NCS ने कहा है कि भूकंप की गहराई उथली होने के कारण आफ्टरशॉक की संभावना बनी हुई है। अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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