डॉ. वाई. सिंह आईएमए यूपी के हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव निर्विरोध चुने गए
आईएमए गोरखपुर के सचिव और आईएमए यूपी के सह सचिव को मिली अहम जिम्मेदारी, चिकित्सकों में खुशी
जिला ब्यूरों कार्यालय (गोरखपुर ) उत्तर प्रदेश
गोरखपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) उत्तर प्रदेश के हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया (HBI) में गोरखपुर के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वाई. सिंह को संयुक्त सचिव पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. वाई. सिंह का संयुक्त सचिव पद पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। उनके निर्विरोध चुने जाने से गोरखपुर के चिकित्सा जगत में खुशी का माहौल है और चिकित्सकों ने इसे जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
डॉ. वाई. सिंह वर्तमान में आईएमए गोरखपुर के सचिव के साथ ही आईएमए उत्तर प्रदेश के सह सचिव के रूप में भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। संगठन में सक्रिय भूमिका, चिकित्सकों से निरंतर संवाद और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता को देखते हुए उन्हें हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया में महत्वपूर्ण दायित्व दिया गया है।
हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया चिकित्सकों और अस्पतालों से जुड़े विभिन्न विषयों पर कार्य करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे में संयुक्त सचिव पद पर डॉ. वाई. सिंह का निर्विरोध चुना जाना चिकित्सा क्षेत्र में उनकी संगठनात्मक भूमिका और स्वीकार्यता को दर्शाता है। उनके निर्वाचन के बाद आईएमए से जुड़े चिकित्सकों और पदाधिकारियों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वह संगठन को और मजबूत बनाने में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।
डॉ. वाई. सिंह ने कहा कि संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसका पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करेंगे। चिकित्सकों और अस्पतालों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाना तथा संगठन और सदस्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं और ऐसे में चिकित्सकों की समस्याओं, अस्पतालों से जुड़े विषयों तथा मरीजों के हितों के बीच बेहतर संतुलन बनाना जरूरी है।
डॉ. वाई. सिंह के निर्विरोध निर्वाचन की जानकारी मिलते ही आईएमए गोरखपुर से जुड़े चिकित्सकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। चिकित्सकों का कहना है कि गोरखपुर से जुड़े किसी पदाधिकारी को प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना जिले के चिकित्सा क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। इससे गोरखपुर की चिकित्सकीय गतिविधियों और यहां के चिकित्सकों की आवाज को प्रदेश स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डॉ. वाई. सिंह की नई जिम्मेदारी से आईएमए गोरखपुर के साथ-साथ प्रदेश संगठन में भी उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उनके निर्विरोध निर्वाचन को चिकित्सक समुदाय में संगठन के प्रति विश्वास और उनके कार्यों की स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।


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