गोरखपुर प्रेस क्लब में सपा की प्रेस वार्ता के बीच पूर्व जिलाध्यक्ष को थप्पड़, कैमरों में कैद हुआ घटनाक्रम
बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंचा, असलहा लेकर पहुंचने की चर्चा से बढ़ी हलचल; पार्टी और पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाह
जिला ब्यूरों कार्यालय (गोरखपुर यू पी)
गोरखपुर। लोकतंत्र बचाओ सप्ताह और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में शनिवार को समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि विवाद के दौरान सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मारा गया। घटना प्रेस क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरों और मौके पर मौजूद पत्रकारों के कैमरों में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है।
प्रेस वार्ता का आयोजन सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष सबीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, संजय पहलवान, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. मोहसिन समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
बताया गया कि अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश प्रेस क्लब पहुंचे और काजल निषाद के पास बैठने का प्रयास किया। जगह को लेकर उनकी पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से बातचीत हुई। इसी दौरान कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि नगीना साहनी को थप्पड़ मारा गया। घटना के दौरान अभद्र भाषा के इस्तेमाल और उन्हें नीचे आने के लिए कहे जाने की बात भी सामने आई है।
घटना के समय प्रेस वार्ता चल रही थी और पत्रकार पूरे कार्यक्रम की कवरेज कर रहे थे। ऐसे में विवाद और मारपीट कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। घटना के बाद प्रेस क्लब में मौजूद पत्रकारों में नाराजगी देखी गई। पत्रकारों का कहना है कि प्रेस क्लब लोकतांत्रिक संवाद और स्वतंत्र अभिव्यक्ति का स्थान है, जहां इस तरह की घटना गंभीर है।
सपा जिलाध्यक्ष ब्रिजेश कुमार गौतम ने घटना को निंदनीय बताते हुए पूरे मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को देने और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।
Read More जल जीवन मिशन की क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की 5 दिन में आख्या, शीघ्र शुरू होगी मरम्मत- जिलाधिकारीइस बीच प्रेस क्लब में असलहा लेकर पहुंचने की चर्चा ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि हथियार लेकर परिसर में प्रवेश की पुष्टि होती है तो यह भी जांच का विषय होगा कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसा कैसे हुआ।
अब पुलिस कार्रवाई पर भी निगाहें हैं। नगीना साहनी की ओर से तहरीर दिए जाने, सीसीटीवी फुटेज की जांच और घटना में मुकदमा दर्ज होने को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। फिलहाल कैमरों में रिकॉर्ड घटनाक्रम के बाद सपा संगठन और पुलिस की अगली कार्रवाई का इंतजार है।


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