राधा बिना कृष्ण अधूरे, प्रेम बिना धर्म अधूरा - बृजमोहन सिंह

आज हमारे देश को भी इसी की जरूरत है - धर्म के साथ प्रेम, और सत्ता के साथ भक्ति।

अजय यादव Picture
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लखनऊ। भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बृजमोहन सिंह जी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जन्माष्टमी केवल कृष्ण की नहीं, राधा-कृष्ण के अटूट प्रेम की पूजा का दिन है। उन्होंने कहा, "कृष्ण धर्म हैं तो राधा प्रेम हैं, कृष्ण गीता हैं तो राधा भक्ति हैं। एक के बिना दूसरा अधूरा है। आज हमारे देश को भी इसी की जरूरत है - धर्म के साथ प्रेम, और सत्ता के साथ भक्ति।
 
" उन्होंने कहा कि आज कंस केवल मथुरा में नहीं, घर-घर में बैठा है - बेरोजगारी के रूप में, महंगाई के रूप में, भ्रष्टाचार के रूप में। आज जनता के साथ हर तरफ अत्याचार हो रहा है। आज फिर से उसी कंस का अंत करने के लिए हर दिल में कृष्ण को जन्म लेना होगा। उन्होंने कहा, विष्णु अवतार का सत्य यही है कि जब-जब धरती पर पाप बढ़ता है, तब-तब भगवान का अवतार होता है। जब कंस और कौरवों का अत्याचार बढ़ा, तब श्री कृष्ण के रूप में धर्म ने जन्म लिया। युद्ध के मैदान में जब अर्जुन मोह में पड़ गया, तब भगवान कृष्ण ने कहा था - "पार्थ!
 
तुम्हें युद्ध करना है, तुम हारे नहीं हो।" जिस प्रकार द्रौपदी की लाज बचाकर कृष्ण ने नारी सम्मान की रक्षा की थी, उसी प्रकार आज भी गरीबों के सम्मान की रक्षा करनी है। आज देश में कंस जैसे अभिमानी, अत्याचारी, गरीबों के दुश्मन नेता पैदा हो चुके हैं। उनके पाप का घड़ा भर चुका है, उनका अंत होना तय है। उनका वध करने के लिए कृष्ण का जन्म हो चुका है। बृजमोहन सिंह जी ने कहा कि भारतीय जन समाज पार्टी राधा-कृष्ण के इसी प्रेम और धर्म के मार्ग पर चलकर इस कंस रूपी अन्याय का अंत करेगी। जय श्री राधे-कृष्णा! जय बांके बिहारी लाल की! जय मुरली मनोहर! जय कन्हैया लाल की!

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