दुग्ध स्वर्ण महोत्सव के अंतर्गत जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन

वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन एवं पशु स्वास्थ्य पर विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

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राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-

उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार दुग्ध स्वर्ण महोत्सव के अंतर्गत बुधवार को विकास भवन सभागार, सोनभद्र में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी, सोनभद्र ने की। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सोनभद्र सहित पशुपालन विभाग, दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि, पशु चिकित्साधिकारी, दुग्ध उत्पादक किसान, पशुपालक, स्वयं सहायता समूहों एवं दुग्ध सहकारी समितियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण आधार है। वैज्ञानिक पशुपालन, संतुलित पशु आहार, नियमित टीकाकरण तथा आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाकर पशुपालक दुग्ध उत्पादन के साथ-साथ अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वित रूप से कार्य करते हुए शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र पशुपालक तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, संक्रामक रोगों की रोकथाम, स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान, संतुलित पशु पोषण तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशु ही गुणवत्तापूर्ण एवं अधिक दुग्ध उत्पादन का आधार हैं, इसलिए नियमित टीकाकरण, समय पर उपचार तथा वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक डेयरी प्रबंधन, दुग्ध गुणवत्ता सुधार, पशु कल्याण तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित भी किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उपस्थित सभी पशुपालकों से अपील की गई कि वे विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाते हुए वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक पशुपालन को अपनाएं तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करें।

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