नैनी में खुले नाले बन रहे जानलेवा, नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल
एचडीएफसी बैंक के सामने करीब पांच फीट गहरे नाले में बाइक समेत गिरा युवक, स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बचाई जान
नैनी, प्रयागराज। नैनी क्षेत्र में नगर निगम की कथित लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क किनारे करीब पांच फीट गहरे नाले खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान नालों में पानी भर जाने से सड़क और नाले के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।
ताजा घटना में बारिश के दौरान एक युवक अपनी बाइक समेत अचानक खुले नाले में जा गिरा। देखते ही देखते बाइक नाले में डूबने लगा और युवक की जान पर बन आई। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत-बचाव का प्रयास शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को नाले से बाहर निकाला।
बारिश में नाला और सड़क का अंतर हो जाता है खत्म
स्थानीय लोगों के मुताबिक एचडीएफसी बैंक के सामने खुले पड़े नाले की गहराई करीब पांच फीट है। सामान्य दिनों में भी यह नाला दुर्घटना को न्योता देता है, लेकिन बारिश के दौरान स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। नाले में पानी भर जाने के बाद यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां से शुरू है।
ऐसे में वाहन चालक अनजाने में नाले की ओर चले जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आए दिन छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग की ओर से खुले नाले को ढकने अथवा उसके आसपास मजबूत सुरक्षा व्यवस्था करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
बड़ी घटना टली, लोगों ने बचाई युवक की जान
बाइक के नाले में गिरने की घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए युवक को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में युवक की जान बच जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
लोगों का कहना है कि यदि हादसे के समय आसपास कोई मौजूद नहीं होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। खुले नाले में गिरने के बाद बारिश का पानी बढ़ने की स्थिति में युवक के साथ बड़ा हादसा होने की आशंका थी।
खुले नालों पर नहीं है पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि खुले नालों के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही ऐसे संकेतक लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय समस्या और बढ़ जाती है। पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में खुले नाले दिखाई नहीं देते। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। खुले नाले को मजबूत ढक्कन से ढकने के साथ-साथ आसपास बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की जरूरत है।


Comments