महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक: 'भरोसा' कब लीक होना बंद होगा?
ये कोई पहली बार नहीं है। सवाल वही है: आखिर पेपर लीक से छुटकारा कब मिलेगा? 27 जून की सुबह का 'ऑपरेशन लीक' भिवंडी में छापा
राजीव शुक्ला
देश में पेपर लीक की समस्या एक बड़ा रुप ले चुकी है और इस पर राजनीति भी बहुत हो रही है। लेकिन लेकिन अभी तक लीक प्रूफ परीक्षा का हमें ऐहसास नहीं हो पा रहा है। नीट का पेपर जब लीक हुआ तो उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इसी के बाद महाराष्ट्र में टैट का पेपर लीक हो गया और राज्य सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। 28 जून 2026 को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा MAHA TET से ठीक 24 घंटे पहले पेपर लीक हो गया। नतीजा: 4 लाख 28 हजार अभ्यर्थियों का भविष्य फिर से लटका दिया गया।
ये कोई पहली बार नहीं है। सवाल वही है: आखिर पेपर लीक से छुटकारा कब मिलेगा? 27 जून की सुबह का 'ऑपरेशन लीक' भिवंडी में छापा- 27 जून को सुबह 4 बजे भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि TET का पेपर बेचा जा रहा है। छापेमारी में संदिग्धों के पास से जो प्रश्नपत्र मिले, वो असली TET पेपर से हूबहू मैच कर रहे थे। परीक्षा रद्द- महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद MSCE ने तुरंत 28 जून की परीक्षा स्थगित कर दी। नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
गिरफ्तारियां- भिवंडी पुलिस ने कम से कम 3 लोगों को हिरासत में लिया है और केस दर्ज कर जांच शुरू की है। ये पहली बार नहीं: 'बार-बार लीक' की कहानी- महाराष्ट्र में TET पेपर लीक अब आदत बन चुका है। 2025 कोल्हापुर में 23 नवंबर की परीक्षा से पहले 18 लोग गिरफ्तार। गिरोह 3 लाख रुपये में पेपर बेच रहा था। 2026 ठाणे/भिवंडी में 28 जून की परीक्षा से 1 दिन पहले पेपर लीक। 4 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए। 2025 में कोल्हापुर केस के बाद भी परिषद ने कहा था कि "पेपर छपाई बेहद गोपनीय होती है, कोषागार में 24 घंटे निगरानी रहती है"। फिर भी लीक हो गया। कौन फंस रहा है बीच में? 4 लाख शिक्षक अभ्यर्थी। इस बार करीब 4.28 लाख उम्मीदवार परीक्षा देने वाले थे। इसमें 2.26 लाख वो शिक्षक भी शामिल थे जो पहले से नौकरी कर रहे हैं, लेकिन TET क्वालिफिकेशन के लिए फिर से परीक्षा दे रहे थे। एक अभ्यर्थी का 1 साल बर्बाद। फीस, तैयारी, कोचिंग सब गया। और सबसे बड़ा नुकसान: स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती फिर लटकेगी।
लीक होता कैसे है? 'माफिया का मॉडल'- जांच और पुराने केस देखें तो पैटर्न साफ है। व्हाट्सएप चेन- HSC बोर्ड पेपर लीक में भी 'टेक वन' ग्रुप से 'एक्सीलेंट ट्यूशन क्लासेस' होते हुए स्टूडेंट्स तक पेपर पहुंचता था। प्राइवेट कोचिंग का रोल- नागपुर बोर्ड केस में एक प्राइवेट कोचिंग से जुड़े व्यक्ति ने पैसे लेकर पेपर साझा किया था। अंदरूनी सांठगांठ- बिना छपाई वाले, या कोषागार/ट्रांसपोर्ट लेवल पर पेपर निकलना। 2026 में भी पेपर परीक्षा से 20 मिनट पहले व्हाट्सएप पर भेजा गया था।
राजनीति शुरू: 'पेपर लीक सरकार' का आरोप- कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा: "पेपर लीक अब अपवाद नहीं, बीजेपी सरकार की पहचान बन गया है। ठाणे में ही टैट का पेपर लीक... किसका राजनीतिक संरक्षण है?" आखिर लीक से छुटकारा कब? कड़ी सजा का कानून- NEET की तरह महाराष्ट्र में भी 'Public Examination Act' को दांत वाला बनाना। गिरफ्तार लोग 2 महीने में जमानत पर बाहर न आएं। टेक्नोलॉजी से निगरानी- पेपर को ब्लॉकचेन या एन्क्रिप्टेड QR कोड से ट्रैक करना। हर हैंडलिंग पर बायोमेट्रिक लॉग। कोचिंग माफिया पर कार्रवाई- ट्यूशन क्लासेस में छापे और व्हाट्सएप ग्रुप मॉनिटरिंग। पैसे लेकर पेपर बेचने वालों का लाइसेंस रद्द। परिषद की जवाबदेही- हर लीक पर MSCE के शीर्ष अधिकारी से स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय।
सिर्फ 'पुलिस का मामला' कहकर पल्ला झाड़ना बंद। अभ्यर्थियों को मुआवजा-परीक्षा रद्द होने पर फीस वापस + अगली परीक्षा फ्री + ट्रैवल खर्च। ताकि सिस्टम को दर्द हो। NEET, HSC, अब TET... हर बार सरकार कहती है "जांच होगी"। पर अभ्यर्थी हर बार नई तारीख का इंतजार करता है। जब तक पेपर लीक करने वाले को नौकरी नहीं, बल्कि जेल और 10 साल का बैन मिलना तय नहीं होगा, तब तक 4 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगता रहेगा। क्या महाराष्ट्र को हर परीक्षा के लिए CBI जांच चाहिए, या MSCE खुद को सुधारेगा? अब हर परीक्षा से पहले लीक का डर परीक्षार्थियों को सताने लगा है। और जब वह किसी परीक्षा की तैयारियां करते हैं तो एक सवाल जरूर मन में उठता है कि कहीं परीक्षा लीक न हो जाए। सरकार को इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे। कानून को और सख्त बनाना होगा।


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