अपहरण के दोषी सरवन कुमार को 4 वर्ष की कैद, 10 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद
- जेल में बितायी अवधि सजा में होगी समाहित, करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण का मामला
राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/,सीएडब्लू सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सरवन कुमार को 4 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक दुद्धी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 29 जनवरी 2024 को दुद्धी थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 23 जनवरी 2024 को रात्रि 2 बजे उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसलाकर सरवन कुमार पुत्र लालकेश्वर निवासी झारोकला, थाना दुद्धी, जिला सोनभद्र कहीं भगा ले गया है। इसके पहले भी सरवन उसकी बेटी को भगा कर ले गया था।
Read More गोरखपुर: 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, गांव-गांव पहुंचकर चला रही जनसंपर्क अभियानलेकिन आपसी सुलह समझौता के बाद मामला शांत हो गया था। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया और पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोषी सरवन कुमार को 4 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।


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