हनुमानगढ़िया में कागजों में बह रहा मजदूरों का पसीना, धरातल से श्रमिक गायब

मोबाइल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग व्यवस्था हुआ फेल, फर्जी तरीके से सरकारी धन का किया जा रहा दोहन

Abhinav Shukla Picture
Published On

रतनपुर/महराजगंज। नौतनवा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हनुमानगढ़िया में महात्मा मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन की लूट का किया जा रहा है। यहां डिजिटल इंडिया की पारदर्शी व्यवस्थाओं को ठेंगा दिखाते हुए कागजों पर तो मजदूरों का फौज खड़ा कर दिया गया है लेकिन धरातल पर सिर्फ सन्नाटा पसरा हुआ है। सरकारी अभिलेखों के अनुसार गांव में नरायन के घर से लेकर रामप्रसाद के खेत तक चकबंध पर मिट्टी भराई का कार्य प्रगति पर है।
 
जिसके लिए मास्टर रोल संख्या 548 से 554 तथा 578 जारी कर रोजाना 50 से 60 श्रमिकों की ऑनलाइन हाजिरी नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए दर्ज की जा रही है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके ठीक उलट है।
 
बीते गुरुवार से कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं है और पिछले दो दिनों से पूरा क्षेत्र पूरी तरह सुनसान पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि जिम्मेदारों द्वारा मोबाइल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग जैसी सख्त नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। इस मिलीभगत के तहत फर्जी तरीके से अपने चहेतों के बैंक खातों में सरकारी धनराशि ट्रांसफर की जाती है और बाद में उसे आपस में बांट लिया जाता है, जिसके कारण गांव के वास्तविक और जरूरतमंद मजदूर रोजगार के अधिकार से महरुम हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि कार्यस्थल के डिजिटल डेटा, मस्टरोल और जियो-टैग तस्वीरों की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए ताकि इस घोटाले में शामिल दोषियों पर तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
 
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें