सुपौल में LPG और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता
कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्ती
सुपौल जिले में रसोई गैस एवं पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी सावन कुमार ने सभी तेल विपणन कंपनियों के विक्रय पदाधिकारियों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया गया कि जिले में पेट्रोलियम पदार्थ एवं घरेलू LPG गैस की कोई कमी नहीं है और मांग के अनुरूप लगातार आपूर्ति की जा रही है।
समीक्षा के दौरान नोडल पदाधिकारी LPG ने जानकारी दी कि जिले की 51 गैस एजेंसियों में करीब 13,405 गैस सिलेंडरों का भंडार उपलब्ध है तथा 4,055 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। सोमवार को 6,771 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए, जबकि वर्तमान में 23,368 उपभोक्ताओं की बुकिंग लंबित है। जिले में प्रतिदिन औसतन 5,532 घरेलू LPG सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शादी-विवाह के मौसम को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों और गैस-तेल का उपयोग करने वाले संस्थानों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में स्थित पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि वैवाहिक कार्यक्रमों के अलावा श्राद्ध, मुंडन, उपनयन एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए भी वाणिज्यिक LPG सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। इसके लिए संबंधित रसोइयों एवं कैटरर्स को तेल कंपनियों में निबंधन कराना होगा, जिसे 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम आयोजित करने वाले व्यक्ति को आवश्यक सिलेंडरों की संख्या एवं संभावित लोगों की जानकारी के साथ अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देना होगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि पांच किलो वाले गैस सिलेंडर छात्रों, प्रवासी मजदूरों एवं युवा पेशेवरों को बिना पते के प्रमाण के भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 48 एजेंसियों पर LPG उपलब्ध है, जबकि शेष तीन एजेंसियों में शीघ्र आपूर्ति होने की संभावना है।
अब तक 11 गैस एजेंसियों की जांच की जा चुकी है तथा 14 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर गैस सिलेंडरों के उपयोग को लेकर छापेमारी अभियान चलाया गया है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग एवं कालाबाजारी के आरोप में जिले में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
जिला प्रशासन ने बताया कि अस्पतालों एवं सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण भी जारी है ताकि पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सामान्य बनी रहे।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। गैस संबंधी शिकायतों के लिए उपभोक्ता 24×7 इमरजेंसी हेल्पलाइन 1906 के अलावा IOCL, BPCL एवं HPCL के टोल फ्री नंबरों पर भी संपर्क कर सकते हैं।


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