आदिवासी बाहुल्य गांव बेलहत्थी टोला-आमी में स्कूल निर्माण की उठी मांग, ग्रामीणों ने आनन्द पटेल दयालु को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए न्याय का भरोसा दिया - आनंद पटेल दयालु
राजेश तिवारी ( ब्यूरो) के साथ फोटोग्राफर कु. रीता
ओबरा/ सोनभद्र -
आजादी के 75 वर्षों बाद भी ग्राम पंचायत बेलहत्थी के टोला-आमी के बच्चों को शिक्षा के लिए 7 किलोमीटर दूर जंगलों के रास्ते पैदल स्कूल जाना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर गांव के लोगों ने अपना दल एस युवा मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द पटेल दयालु को ओबरा स्थित कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर गांव में प्राथमिक विद्यालय निर्माण की मांग की।
ग्रामीणों ने बताया कि टोला-आमी के छोटे-छोटे बच्चे प्रतिदिन जंगल के रास्ते खरछनवा और कोडरी स्थित स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, जो गांव से लगभग 7 किलोमीटर दूर हैं। रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है और पूर्व में कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। ऐसे में अभिभावकों के मन में हमेशा भय बना रहता है।
ग्रामीणों ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी यदि बच्चों को शिक्षा के लिए इतनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। गांव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज के लोग निवास करते हैं, लेकिन आज तक यहां शिक्षा की मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी।
ग्रामीणों ने आनन्द पटेल दयालु से मांग किया कि गांव में जल्द से जल्द नया स्कूल बनवाने की पहल की जाए, ताकि बच्चों को नजदीक में शिक्षा मिल सके और भविष्य की पीढ़ी को इस समस्या से मुक्ति मिल सके।
ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आनन्द पटेल दयालु ने गांव वासियों को विश्वास दिलाया कि उनकी मांग पूरी तरह जायज है और इस मुद्दे को हर हाल में पूरा कराने के लिए वह पूरी मजबूती से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि आदिवासी एवं गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा के लिए इतनी कठिनाइयों का सामना करना पड़े, यह बेहद चिंताजनक विषय है।
श्री दयालु ने आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर वह इस विषय को अपना दल एस की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल तक पहुंचाकर गांववासियों को न्याय दिलाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
इस दौरान जनाब महताब आलम प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक मंच भी मौजूद रहे। ज्ञापन देने वालों में रविंद्र कुमार, राजाराम, अमरनाथ शास्त्री, भगवान दास, धर्मराज सिंह, महेंद्र एवं हरि नारायण सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।


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