IGIMS नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का उबाल, मानसिक प्रताड़ना और रिजल्ट विवाद पर प्रशासन घिरा

“हमें न्याय चाहिए” के नारों से गूंजा IGIMS, दूसरे दिन भी धरने पर बैठीं छात्राएं

BIHAR SWATANTRA PRABHAT Picture
Published On

स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश

पटना। राजधानी पटना स्थित स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS)  के नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का आक्रोश लगातार दूसरे दिन भी देखने को मिला। गुरुवार को शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा, जहां सैकड़ों छात्राएं सुबह से ही कॉलेज गेट के सामने धरने पर बैठी रहीं और अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी करती नजर आईं।

बीएससी नर्सिंग की छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर मानसिक प्रताड़ना, अपमानजनक व्यवहार, पक्षपातपूर्ण रवैया और परीक्षा परिणामों में अनियमितता जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शन में शामिल छात्राओं का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

“पढ़ाई के बजाय डर का माहौल”

धरने में शामिल छात्राओं का कहना था कि वे बेहतर भविष्य और नर्सिंग शिक्षा के सपने लेकर कॉलेज आई थीं, लेकिन यहां उन्हें लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं ने आरोप लगाया कि छोटी-छोटी बातों पर उन्हें अपमानित किया जाता है और विरोध करने वालों को रिजल्ट व इंटरनल मार्क्स के जरिए दबाव में रखा जाता है।

किसानों की आवाज़ को बुलंद करने का संकल्प Read More किसानों की आवाज़ को बुलंद करने का संकल्प

कई छात्राओं ने दावा किया कि कॉलेज और हॉस्टल दोनों जगह भय और असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्राएं भावुक भी नजर आईं। उनका कहना था कि लगातार तनाव के कारण कई छात्राएं डिप्रेशन की स्थिति में पहुंच चुकी हैं।

मंदिर चोरी कांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों के सामान बरामद Read More मंदिर चोरी कांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, लाखों के सामान बरामद

रिजल्ट को लेकर उठे सवाल

प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने विशेष रूप से कुछ विषयों के रिजल्ट पर सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि अच्छे प्रदर्शन के बावजूद कई छात्राओं को कम अंक दिए गए और बड़ी संख्या में छात्राओं को फेल किया गया। इससे छात्राओं के बीच असंतोष लगातार बढ़ता गया।

तेज आंधी-बारिश से धनरुआ में जनजीवन प्रभावित, बिजली आपूर्ति ठप Read More तेज आंधी-बारिश से धनरुआ में जनजीवन प्रभावित, बिजली आपूर्ति ठप

छात्राओं का कहना है कि परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

फैकल्टी के समर्थन से बढ़ा दबाव

आंदोलन को नया मोड़ तब मिला जब कॉलेज की कुछ फैकल्टी टीचर भी छात्राओं के समर्थन में सामने आ गईं। शिक्षकों ने भी प्रशासनिक व्यवहार पर नाराजगी जताई और कहा कि कार्य विभाजन तथा ड्यूटी व्यवस्था में भी कई बार अनावश्यक दबाव बनाया जाता है।

फैकल्टी सदस्यों के समर्थन के बाद यह मामला केवल छात्राओं की शिकायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कॉलेज के समग्र प्रशासनिक माहौल पर सवाल उठने लगे हैं।

पहले भी उठ चुकी हैं शिकायतें

छात्राओं के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई गई हो। इससे पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्राओं का आरोप है कि शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की गई।

प्रशासन ने बनाई जांच समिति

मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन ने जांच समिति गठित करने की बात कही है। वहीं छात्राओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।

फिलहाल IGIMS नर्सिंग कॉलेज का यह विवाद राजधानी के शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों में चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्राओं की मांग है कि उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और तनावमुक्त शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया जाए।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें