अनाथ बेटी’ का आशियाना छीन रहे हैं ‘शातिर’ शातिरों के जाल में फंसे हैं केडीए अधिकारी 

बर्रा क्षेत्र स्थित विश्व बैंक पोषित उ0प्र0 नगर विकास परियोजना के अन्तर्गत आवंटित भवन संख्या सी./148 को लेकर एक गंभीर विवाद प्रकाश में आया है।

Abhinav Shukla Picture
Published On

कानपुर। बर्रा क्षेत्र स्थित विश्व बैंक पोषित उ0प्र0 नगर विकास परियोजना के अन्तर्गत आवंटित भवन संख्या सी./148 को लेकर एक गंभीर विवाद प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार, एक अनाथ बेटी से आशियाना छीनने का प्रयास करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने प्रार्थना पत्र देकर केडीए के उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिनी कु. ओश सिंह, जो वर्तमान में बीबीए की छात्रा हैं तथा अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उसने प्राधिकरण के अधिकारियों को एक प्रार्थना पत्र देकर अपने अधिकारों की रक्षा की मांग की है। प्रार्थिनी ओश के अनुसार उनके पिता उमेश सिंह का देहावसान 30 नवम्बर 2017 को तथा माता गीतारानी का निधन 4 जुलाई 2023 को हो चुका है।
 
 उसका दावा है कि उक्त भवन वर्ष 2008 में हुए एक इकरारनामा के आधार पर उनके पिता के अधिकार में था। इस इकरारनामे के समय दो गवाहों की उपस्थिति में यह समझौता किया गया था, जिसके बाद आवंटन से संबंधित मूल दस्तावेज, रसीदें आदि भी उन्हें सौंप दिए गए थे। इसके पश्चात प्रार्थिनी के पिता द्वारा भवन का निर्माण कराया गया तथा विद्युत संयोजन भी अपने नाम से कराया गया। वर्ष 2008 से लेकर उनके माता-पिता के निधन तक उक्त आवास पर उनका निरंतर कब्जा एवं निवास रहा है, तथा वर्तमान में भी वह उसी भवन में रह रही हैं।
 
हाल ही में दिनांक 2 मई 2026 को प्रार्थिनी के आवास पर एक नोटिस चस्पा किया गया, जो कि 27 अप्रैल 2026 को अभियन्त्रण अनुभाग, जोन-3 के अधिशाषी अभियन्ता द्वारा जारी किया गया था। इस नोटिस के बाद यह मामला प्रकाश में आया।
 
पीड़िता का आरोप है कि मूल आवंटी के शातिर उत्तराधिकारियों द्वारा तथ्यों को छिपाकर एवं प्राधिकरण के अधिकारियों को गुमराह करके उक्त भवन पर दावा किया जा रहा है तथा पूर्व में हुए समझौते को नजरअंदाज किया जा रहा है। उसका यह भी कहना है कि इस प्रक्रिया में कूटरचित तथ्यों का सहारा लिया जा रहा है।
 ओश ने कानपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से निवेदन किया है कि उनके कब्जे एवं अधिकारों को ध्यान में रखते हुए न्यायोचित कार्यवाही की जाए तथा उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
 
 यह मामला अब चर्चा का विषय बना हुआ है और प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा आगे की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें