मलिहाबाद में दबंगई का आतंक: युवक को बाइक से कुचलने की कोशिश, नामजद तहरीर के बाद भी पुलिस खाली हाथ

पुरानी रंजिश में जानलेवा हमला, पीड़ित परिवार में दहशत; आरोपी पर फर्जी मुकदमों और धमकियों के आरोप, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल ।

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लखनऊ !
 
राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद तहसील क्षेत्र स्थित रामपुर बस्ती गांव में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की जान लेने की कोशिश किए जाने का आरोप गांव के ही दबंग युवक पर लगा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे परिवार दहशत और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
 
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी आदित्य प्रताप सिंह अपने चचेरे भाई के घर के बाहर खड़े थे, तभी गांव का ही आरोपी प्रमोद कुमार अपनी तेज रफ्तार पल्सर बाइक संख्या UP 32 LJ 3581 लेकर पीछे से आया और आदित्य को जोरदार टक्कर मार दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या करने का प्रयास था। हालांकि आदित्य ने किसी तरह खुद को बचा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
 
पीड़ित की पत्नी ने आरोप लगाया कि आरोपी प्रमोद कुमार पहले भी उनके परिवार को फर्जी मुकदमों में फंसाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा है। अब वह खुलेआम हत्या की धमकियां दे रहा है और देर रात गांव के बाहर संदिग्ध साथियों के साथ घूमकर परिवार को भयभीत करने का प्रयास कर रहा है। परिवार का कहना है कि आरोपी लगातार दबाव बनाकर उन्हें गांव छोड़ने तक की धमकी दे रहा है।
 
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पीड़िता के जेठ की पूर्व में हत्या हो चुकी है। ऐसे संवेदनशील इतिहास के बावजूद पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से न लेना स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र में कोई बड़ी वारदात हो सकती है।
 
बताया गया कि घटना के अगले दिन 25 अप्रैल को मलिहाबाद थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई थी, लेकिन कई दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने न तो आरोपी की गिरफ्तारी की और न ही कोई सख्त कानूनी कार्रवाई की। इससे पीड़ित परिवार का पुलिस प्रशासन से भरोसा उठता नजर आ रहा है।
 
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि पुलिस की शिथिलता का फायदा उठाकर आरोपी पक्ष अब अपनी माता के माध्यम से अनुसूचित जाति एवं महिला उत्पीड़न का कार्ड खेलते हुए उल्टा पीड़ित परिवार को ही झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रच रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने मलिहाबाद क्षेत्र में दहशत और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है, जबकि पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
 
 

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