जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक संपन्न
गोवंश संरक्षण पर विशेष जोर, अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश, व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
गोवंश संरक्षण एवं गो-सेवा को सुशासन का आधार मानते हुए जनपद सोनभद्र के कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के यथस्वी एवं लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी एवं कुशल नेतत्व में उत्तर प्रदेश सरकार गौ-सेवा को केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय, सामाजिक एवं आध्यात्मिक उत्तरदायित्व के रूप में स्वीकार करते हुए सतत कार्य कर रही है।

राज्य सरकार द्वारा निराश्रित एवं असहाय गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं समुचित देखभाल के लिए व्यापक एवं बहुआयामी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम प्रदेश भर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य हैं जहा निराश्रित गोवंश के भरण पोषण के लिये सरकार द्वारा रू0 50 की दर से भरण पोषण की धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है।

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उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने बताया कि प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी गौ-संरक्षण नीति के अंतर्गत वर्तमान में राज्य के विभिन्न जनपदों में 7700 से अधिक गौ-आश्रय स्थल सक्रिय रूप से संचालित हो रहे है।इन आश्रय स्थलों में 16 लाख से अधिक गोवंश को सुरक्षित आवास, नियमित आहार, स्वच्छ पेयजल तथा आवश्यक पशु-चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यह व्यवस्था न केवल गोवंश के संरक्षण को सुनिश्चित कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक संतुलन को भी सुदढ़ कर रही है।
बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल एवं सदस्य दीपक गोयल , विधायक सदर भूपेश चौबे द्वारा की गई। बैठक के दौरान स्थायी एवं अस्थायी गो-आश्रय स्थलों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि गोवंश की देखभाल में लगे कर्मियों का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए तथा उनका मानदेय मनरेगा द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप दिया जाए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। साथ ही सभी गो-आश्रय स्थलों पर पौधारोपण सुनिश्चित कराने हेतु प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिए गए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को तत्काल निकटतम गो-आश्रय स्थल में सुरक्षित रखा जाए। गर्मी के दृष्टिगत गो-आश्रय स्थलों पर टिन शेड के ऊपर पुआल डालने, स्वच्छ पेयजल एवं छाया की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधित संचालकों को दिए गए।
जिलाधिकारी बी0एन0 सिंह ने आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों एवं मार्गदर्शन का अक्षरशः पालन कराया जाएगा तथा संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, अंत में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शासन की मंशा के अनुरूप गोवंश संरक्षण कार्यों को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ संचालित किया जाएगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वागीश कुमार शुक्ला, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला विकास अधिकारी हेमन्त कुमार सिंह, जिला सूचना अधिकारी सुधांशू शेखर शर्मा सहित जनपद स्तरीय संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


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