इल्जाम
एक इल्जाम
मेरे नाम आया है
न होते हुए भी मोहब्बत
सरेआम
मेरा नाम आया है।
मैं ढूंढता रहा
हर जगह खुद को ही
न जाने क्यों
फिर भी मेरा नाम
किसी ओर के साथ आया है।
लोग पूछते रहे मुझे
मेरे गम का कारण
और मैं हर गम में
खुदा तेरा नाम
हर बार लेता आये हूँ।
डॉ.राजीव डोगरा

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