Swantantra prabhat kavita sangrah
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
'बजट' अच्छा या बुरा...!
Published On
By Swatantra Prabhat UP
देश में पेश हो चुका है आम केंद्रीय बजट, हर बार 'राजनीतिक प्रतिक्रिया' हैं विकट। कोई भी दल हटकर क्यों? नहीं बोल पाते, सत्तापक्ष और विपक्ष भिन्न दिशा में जाते। सत्तापक्ष बजट को उपलब्धियों से गिनाते, विपक्ष 'जनविरोधी और दिशाहीन'...
आधा-अधूरा बचपन
Published On
By Swatantra Prabhat Desk
संजीव-नी।आधा-अधूरा बचपन।ईश्वर, आज स्कूल की घंटी से पहलेएक बच्चे नेरोटी की आवाज़ सुनी,पर थाली तकआवाज़ नहीं पहुँची।उसकी जेब मेंकंचे नहीं,था खालीपन ,और पेट मेंइतनी जगहकि सपना भीपूरे...
ऊँचाइयों पर कभी परवाने नहीं होते”
Published On
By Swatantra Prabhat Desk
ऊँचाइयों पर कभी परवाने नहीं होते”ऊँचाइयों पर कभी परवाने नहीं होते,आसमान पर ठौर-ठिकाने नहीं होते।कदम सम्भल कर उठाना मेरे दोस्त,कम खंजर चलाने वाले नहीं होते।ख़ुद की शोहरत, ख़ुद को ही भाती है,यहाँ नफ़रत के...
ख्वाबों की दुनिया सजाई थी मैंने।
Published On
By Swatantra Prabhat Desk
संजीव-नी। ख्वाबों की दुनिया सजाई थी मैंने। दिल में ख़्वाबों की दुनिया सजाई थी मैंने, तेरे आने की चाहत जगाई थी मैंने। तेरे आने से महफ़िल गुलज़ार हो उठी, राह पलकों पे अपनी बिछाई थी मैंने। तेरी पायल की छन...
