ध्वस्तीकरण का आदेश होने के बाद भी नहीं हट रहा अवैध अतिक्रमण
09 माह पहले विहित प्राधिकारी बस्ती विकास प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण का दिया गया था आदेशआदेश व नोटिस जारी होने के बाद भी नहीं हटाया गया अवैध अतिक्रमणबस्ती विकास प्राधिकरण की मिलीभगत से नही हट पा रहा अवैध अतिक्रमण
बस्ती। बस्ती विकास प्राधिकरण द्वारा ध्वस्तीकरण का आदेश देने के बाद भी 09 माह बीतने के बाद भी अवैध अतिक्रमण नही हट पाया है । अतिक्रमणकारियों द्वारा न तो अवैध अतिक्रमण हटाया जा रहा है और न ही बस्ती विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध अतिक्रमण को खाली कराने के लिए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है जिससे बस्ती विकास प्राधिकरण पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है ।
आपको बता दें कि मुकदमा संख्या-1792/2025 कमल पुत्र राम सूरत, उदय प्रताप पुत्र कपीस, गनेश, सनेही पुत्र कल्पी, तीजा पुत्र जुगुनू सिद्ध नाथ पुत्र सोमई, जितेन्द्र पुत्र सोमई पता-गाटा संख्या-542/48 कटरा बस्ती द्वारा निर्माण कार्य किये जाने पर क्षेत्रीय अवर अभियंता, द्वारा प्रथमसूचनारिपोर्टदिनांक-24.03.2025 को स्थल पर लगभग एक बीघा में प्लाटिंग का कार्य बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराये किया जा रहा था। मौके पर कोई स्वीकृत मानचित्र नहीं दिखाई गई थी ।
पत्रावली पर उपलब्ध तत्कालीन अवैध निर्माण के फोटोग्राफ के आधार पर पक्ष द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण के विरुद्ध कम्प्यूटर कृत वाद संख्या-1792/2025 योजित करते हुए उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा-27 की उप धारा (1) के अंतर्गत पक्ष को प्राधिकरण कार्यालय के पत्र संख्या-15/ब०वि० प्रा०बस्ती / दिनांक-02.04.2025 को प्रेषित करते हुए यह अपेक्षा की गई थी कि यह स्थल पर काम रोक दे एवं नोटिस प्राप्ति के दिनांक-17.04.2025 तक कारण बताए कि क्यों न उपरोक्त अनाधिकृत निर्माण को गिराने के आदेश पारित कर दिए जाए।
उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-28 (1) के अन्तर्गत निर्माण कार्य रोके जाने सम्बन्धी नोटिस नोटिस सं०-16/ब०वि० प्रा०बस्तीदिनांक-02.04.2025 के माध्यम से आपको कार्य तत्काल प्रभाव से रोके जाने हेतु निर्देशित किया गया था। इस सम्बन्ध में उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 धारा-28(2) पत्र संख्या-17/ब०वि० प्रा० बस्ती/2024-25 दिनांक-02.04.2025 को प्रेषित किया गया था पुनः उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के अन्तर्गत अनुस्मारक/अंतिम सूचना पत्र संख्या-224/ब०वि० प्रा० बस्ती/2025-26 दिनांक-22.04.2025 को प्रेषित किया गया था। उक्त नोटिसों दिये जाने के उपरांत भी पक्ष द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नही प्रस्तुत किया था और न ही कोई तलपट मानचित्र स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया गया था पक्ष द्वारा स्थल पर किये गये अवैध प्लांटिग के विरूद्ध सक्षम स्तर से ध्वस्तीकरण आदेश जारी किये जाने के पूर्व नैसर्गिक न्याय की दृष्टि से पक्ष को विभिन्न अवसर दिये जाने के उपरान्त भी न तो स्थल पर अवैध प्लाटिंग कार्य को रोका गया और न ही तलपट मानचित्र स्वीकृत कराया गया।
अतः पक्ष द्वारा किये गये अवैध निर्माण उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के अन्तर्गत नियम विरुद्ध है। अतः पक्ष द्वारा किये गये अवैध निर्माण के विरूद्ध उ०प्र० नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के अन्तर्गत ध्वस्तीकरण हेतु ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया जाना न्यायोचित है। अतः उपरोक्त विवेचना के आधार पर क्षेत्रीय अवर अभियंता द्वारा दी गई चालानी रिपोर्ट के क्रम में योजित वाद संख्या-1792/2025 में ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया जाता है।
निर्माणकर्ता कमल पुत्र राम सूरत, उदय प्रताप पुत्र कपीस आदि को आदेशित किया जाता है कि उक्त अवैध निर्माण को इस आदेश पारित होने के 28 दिनों के अंदर स्वयं ध्वस्त कर ले अन्यथा निर्धारित अवधि के उपरांत उक्त अवैध निर्माण को प्राधिकरण द्वारा पक्ष के हर्जे खर्चे पर ध्वस्त कर दिया जाएगा एवं अवैध निर्माण ध्वस्त किए जाने पर आने वाले व्यय को राजस्व के बकाए की भांति अवैध निर्माणकर्ता से वसूल किया जाएगा। बस्ती विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध अतिक्रमण को लेकर ध्वस्तीकरण न कराने पर अवैध अतिक्रमणकारियों का मनोबल बढ़ रहा है ।

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