फार्मर आईडी के बिना भी मिलती रहेगी पीएम किसान की किस्त, कृषि विभाग ने दूर की किसानों की चिंता

बिहार सरकार ने किया स्पष्ट—पात्र किसानों को योजना से नहीं किया जाएगा वंचित, आगे आईडी बनवाना जरूरी

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बिहार राज्य के किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। फार्मर आईडी नहीं बन पाने के बावजूद पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलता रहेगा। कृषि विभाग ने साफ किया है कि केवल आईडी के अभाव में किसी किसान की किस्त नहीं रोकी जाएगी।

राज्य में फार्मर आईडी बनाने का अभियान जारी है, लेकिन कई किसानों की आईडी अब तक तैयार नहीं हो सकी है। इसकी वजह जमाबंदी में नाम दर्ज नहीं होना, बंटवारा नामा की कमी, नामांतरण की प्रक्रिया लंबित होना और तकनीकी समस्याएं बताई जा रही हैं। इससे कई किसान सम्मान निधि की राशि रुकने की आशंका से परेशान थे।

कृषि मंत्री ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

कृषि विभाग ने राज्य के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के हवाले से बताया कि फार्मर आईडी नहीं होने के कारण किसी भी योग्य किसान को योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा। इस फैसले से मुजफ्फरपुर समेत राज्यभर के किसानों को बड़ी राहत मिली है।

हर तिमाही मिलती रहेगी सम्मान निधि

विभाग के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा किसानों को हर तीन महीने पर 2000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही राज्य सरकार की जननायक किसान सम्मान योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति तिमाही 1000 रुपये अतिरिक्त दिए जा रहे हैं।

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आगे के लिए फार्मर आईडी जरूरी

कृषि विभाग ने यह भी कहा है कि अभी किसानों को बिना फार्मर आईडी के भी योजना का लाभ मिलता रहेगा, लेकिन आने वाले समय में योजनाओं का फायदा लगातार लेने के लिए आईडी बनवाना जरूरी होगा। अब तक राज्य में 45.18 लाख किसानों की आईडी बनाई जा चुकी है और बाकी किसानों की प्रक्रिया जारी है। फार्मर आईडी से किसानों को केसीसी लोन सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

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जीआई टैग और ग्रामीण बाजारों पर भी फोकस

विभाग ने बताया कि दीघा के जर्दालु मालदा, शाहाबाद के सोनालिका चावल, मुंगेर के टिटिया धान और समस्तीपुर के जर्दालु आम को जीआई टैग दिलाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही 934 ग्रामीण हाटों के विकास का काम भी चल रहा है।

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