फर्जी ऑयल कंपनी बनाकर ठगी, 25 लाख में बेच रहे थे फ्रेंचाइजी; UP-STF ने किया बड़े रैकेट का खुलासा

दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार 2020 से चला रहे थे ठगी का खेल

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मैनपुरी।

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP-STF) ने मैनपुरी जिले में फर्जी पेट्रोल पंप और नकली तेल बेचने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह मिलावटी डीजल-पेट्रोल बेचकर और फर्जी ऑयल कंपनियों की फ्रेंचाइजी देकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था। कार्रवाई के दौरान STF ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में केमिकलयुक्त ईंधन बरामद किया है।

बिना लाइसेंस चला रहे थे पेट्रोल पंप

STF के मुताबिक आरोपी बिना किसी वैध अनुमति के पेट्रोल पंप संचालित कर रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने फर्जी ऑयल कंपनियां बनाकर लोगों को पेट्रोल पंप की फ्रेंचाइजी देने का झांसा दिया। मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर में स्थित दो फर्जी पेट्रोल पंपों को सीज कर दिया गया है।

दो आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

STF की नोएडा यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राधेश्याम (निवासी फिरोजाबाद) और अंकित यादव (निवासी सलेमपुर, मैनपुरी) के रूप में हुई है। हालांकि गिरोह का मास्टरमाइंड और अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

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2020 से चला रहे थे ठगी का खेल

पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी वर्ष 2020 से इस फर्जीवाड़े में शामिल थे। शुरुआत में सीमित स्तर पर मिलावटी पेट्रोल-डीजल बेचा गया, लेकिन मुनाफा बढ़ने के बाद पूरे इलाके में नेटवर्क फैला लिया गया। पुलिस पहले भी इनके खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है, बावजूद इसके ये दोबारा सक्रिय हो गए।

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गाड़ियों के खराब होने से हुआ खुलासा

मिलावटी ईंधन के कारण कई वाहनों के खराब होने की शिकायतें मिलने लगी थीं। इन्हीं शिकायतों की जांच करते हुए STF गिरोह तक पहुंची। जांच में पता चला कि आरोपी सस्ते केमिकल और अपमिश्रित तेल को पेट्रोल-डीजल में मिलाकर बेच रहे थे।

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फर्जी कंपनियों के नाम पर ठगी

आरोपी खुद को “आईओबीपी पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड”, “अंचन पेट्रोलियम प्राइवेट लिमिटेड” समेत मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी कंपनियों का प्रतिनिधि बताते थे। इन्हीं नामों पर दस्तावेज तैयार कर लोगों से फ्रेंचाइजी के नाम पर रकम वसूली जाती थी।

25 लाख तक वसूलते थे फ्रेंचाइजी के नाम पर

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों से 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की ठगी की है। पीड़ितों को सरकारी मंजूरी और जल्द पंप शुरू होने का भरोसा दिलाया जाता था, लेकिन बाद में न लाइसेंस मिलता था और न ही तेल की सप्लाई। पैसे मांगने पर पीड़ितों को धमकाया जाता था।

भारी मात्रा में सामान बरामद

छापेमारी के दौरान STF ने मिलावटी पेट्रोल-डीजल, मोबाइल फोन, नकदी और पेट्रोल पंप से जुड़े फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ कुरावली थाना मैनपुरी में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

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