सहजनवां :जैतपुर–बोकटा मार्ग पर मौत का रास्ता बना भारी वाहनों का आवागमन, ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

टोल बचाने को गांवों से गुजर रहे ट्रक–डंपर, दो दर्जन से अधिक लोगों की जा चुकी जान

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रिपोर्ट- जानेश्वर मिस्र
 सहजनवां (गोरखपुर)।
 
जैतपुर–बोकटा मार्ग पर भारी वाहनों के बेलगाम आवागमन से उत्पन्न जाम, दुर्घटनाओं और जनहानि को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। जैतपुर विकास/बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले करीब आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और नायब तहसीलदार दुर्गेश चौरसिया को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व समिति के संरक्षक समरपाल सिंह ने किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जैतपुर–बोकटा मार्ग संकरा होने के बावजूद यहां से लगातार ट्रक, डंपर और अन्य भारी वाहन तेज रफ्तार में गुजर रहे हैं। 
 
टोल टैक्स से बचने के लिए चालक इस ग्रामीण मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आए दिन भीषण जाम और हादसे हो रहे हैं। हालात यह हैं कि जाम में स्कूली वाहन, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाएं घंटों फंसी रहती हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
 
ग्रामीणों ने बताया कि अब तक भारी वाहनों की चपेट में आकर करीब दो दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, फिर भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। तेज रफ्तार वाहनों से सड़क किनारे रहने वाले लोग हमेशा भय में जी रहे हैं। इसके साथ ही लगातार लगने वाले जाम से स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है और वायु व ध्वनि प्रदूषण में भी खासी वृद्धि हुई है।
 
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की कि जैतपुर–बोकटा मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए, वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया जाए, नियमित पुलिस निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, दुर्घटनाओं में मारे गए लोगों के मामलों की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
 
ग्रामीणों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि यदि 10 दिन के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उमेद सिंह राणा, विनय वर्मा, दुर्गेश मौर्या, गोविंद मौर्या, संजीव कुमार, परशुराम गुप्ता, विजेंद्र वर्मा, शहवान, मोनू भारती, रिंकू विश्वकर्मा सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद।
 

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