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बरेली में घरों में सामूहिक नमाज़ पर विवाद, 200 हिंदू परिवारों ने पलायन की चेतावनी दी
योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अपने मकान बेचकर गांव
बरेली।
जिले के विशारतगंज क्षेत्र स्थित मोहम्मदगंज गांव में घरों के अंदर सामूहिक नमाज़ पढ़े जाने को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि हर शुक्रवार को अलग-अलग घरों में जुमे की नमाज़ अदा की जा रही है, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। मामले से नाराज करीब 200 हिंदू परिवारों ने पलायन की चेतावनी देते हुए अपने घरों के बाहर “मकान बिकाऊ है” के पोस्टर लगा दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि वीडियो सबूत देने के बाद भी उन्हें ही दबाव में लिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कोई मस्जिद नहीं है और पहले मुस्लिम समुदाय के लोग पास के गांव में नमाज़ पढ़ने जाया करते थे, लेकिन अब चोरी-छिपे घरों में सामूहिक नमाज़ हो रही है।
बताया गया कि जनवरी माह में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, तब पुलिस ने 12 लोगों पर कार्रवाई की थी। इसके बावजूद समस्या दोबारा खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन मारपीट और हंगामे की घटनाएं भी होती रहती हैं, जिससे माहौल खराब हो रहा है।
ग्रामीणों ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे अपने मकान बेचकर गांव छोड़ने को मजबूर होंगे।
वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों पक्षों से बातचीत कर शांति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

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