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Haryana Cabinet Meeting: हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक आज, लिए जा सकते हैं ये बड़े फैसले
Haryana Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज हरियाणा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई गई है। यह बैठक चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में शाम करीब चार बजे शुरू होगी। वर्ष 2026 की यह दूसरी कैबिनेट बैठक है। इससे पहले 1 जनवरी को पहली बैठक आयोजित की गई थी। आज की बैठक में राज्य के आगामी बजट सत्र को लेकर महत्वपूर्ण फैसला होने की पूरी संभावना है।
बैठक में बजट सत्र के अलावा कुछ अहम प्रस्तावों पर भी चर्चा की जा सकती है। इनमें फार्मासिस्ट भर्ती नियमों को मंजूरी दिए जाने का प्रस्ताव प्रमुख माना जा रहा है। इस संबंध में तैयार की गई फाइल अंतिम स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री के पास पहले ही पहुंच चुकी है।
बतौर वित्त मंत्री मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वर्ष 2026-27 का अपना दूसरा बजट पेश करेंगे। पिछला बजट करीब 2.05 लाख करोड़ रुपये का था, जबकि इस बार बजट का आकार बढ़कर लगभग सवा दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पिछले बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसे इस बार दोगुना किए जाने के संकेत मिल रहे हैं।
सरकार की कोशिश है कि होली से पहले बजट को पारित कर लिया जाए। इस साल होली 4 मार्च को है, ऐसे में बजट सत्र को 20 मार्च तक सीमित रखने की योजना बनाई जा रही है। पिछले वर्ष बजट सत्र 7 मार्च से 28 मार्च तक चला था। बजट पेश होने के बाद उस पर विस्तृत चर्चा के लिए विधायकों की समितियों का गठन भी किया जाएगा।
Read More Haryana: हरियाणा में दर्दनाक हादसा, फर्नीचर फैक्ट्री के कमरे में दम घुटने से 3 मजदूरों की मौतहालांकि, कैबिनेट बैठक में केवल सत्र के आरंभ की तारीख को मंजूरी दी जाएगी। सत्र की कुल अवधि और बैठकों की संख्या का अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की अध्यक्षता में होने वाली बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में लिया जाएगा।
फार्मासिस्ट भर्ती से जुड़ा मुद्दा भी बैठक में खासा अहम माना जा रहा है। प्रदेश में फार्मासिस्ट के कुल 1163 स्वीकृत पदों में से 568 पद वर्तमान में खाली हैं। इसके चलते कई अस्पतालों में दवाओं का वितरण प्रशिक्षु, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी या स्टाफ नर्सों से कराया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
फार्मेसी अधिनियम 1948 के अनुसार, पंजीकृत फार्मासिस्ट के अलावा कोई भी व्यक्ति डॉक्टर के नुस्खे पर दवा तैयार, मिश्रित या वितरित नहीं कर सकता। फार्मासिस्टों की कमी के कारण दवा वितरण, भंडारण, खरीद प्रक्रिया और टीकों की कोल्ड चेन जैसी व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

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