गन्ना न उठने से गेहूं की बुवाई हुआ प्रभावित, किसानों को भारी आर्थिक नुकसान
गोण्डा। बलरामपुर चीनी मिल के अंतर्गत संचालित गन्ना क्रय केंद्र गनवारिया–अ पर समय से गन्ना आपूर्ति न होने के कारण किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। किसानों का कहना है कि पेडी गन्ना खेतों में खड़ा रहने के कारण कई किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर सके, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार गन्ना न कट पाने और समय से उठान न होने के चलते खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई प्रभावित हो रही है। बुवाई में हो रही देरी से उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है, जिसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ रहा है।
इन्हीं समस्याओं सहित अन्य गंभीर समस्याओं को लेकर एक सप्ताह पूर्व भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिलाध्यक्ष सहित कई कार्यकर्ताओं ने गन्ना क्रय केंद्र पर धरना-प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसानों ने क्रय केंद्र की व्यवस्थाएं दुरुस्त कर गन्ना उठान में तेजी लाने की मांग की थी।
किसानों का आरोप है कि धरना-प्रदर्शन के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गन्ना विभाग के क्षेत्रीय प्रभारी सोम कुमार की अनुपस्थिति और कथित लापरवाही के कारण किसान अपनी समस्याएं लेकर भटकने को मजबूर हैं।
किसानों एवं भाकियू पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन से शीघ्र हस्तक्षेप कर गन्ना उठान व समय से मैसेज प्रक्रिया को सुचारू कराने की मांग की है, ताकि किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इस सम्बन्ध क्षेत्रीय प्रभारी सोम कुमार ने बताया कि कैलेंडर के माध्यम से पर्ची सप्लाई के मैसेज भेजें जा रहें हैं इस संबंध में गन्ना प्रबंधक संजय सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।
