शास्त्रीनगर में पुल निर्माण निरस्तीकरण के विरोध में युवाओं ने मुड़वाया सिर का बाल, आंदोलन तेज

शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल विरोध पुल नहीं, सिर्फ़ वादों का लॉलीपॉप! 

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सिर का बाल मुड़वाकर कर युवाओं ने किया आंदोलन तेज

कुशीनगर/बगहा(पश्चिमी चंपारण)। रविवार को शास्त्रीनगर बगहा में शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल निर्माण को निरस्त किए जाने के विरोध में शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले बैठक सह सामूहिक मुंडन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे युवाओं और स्थानीय नागरिक रविकेश पाठक, अजय सहनी, कामेश्वर नाथ तिवारी, लालबाबू सोनी, नंदेश पांडेय सहित दर्जनों साथियों ने सिर का बाल मुड़वाकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की व्यवस्था के प्रति अपनी घोर निराशा और आक्रोश का प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने एक स्वर में कहा कि वर्षों से पुल निर्माण के नाम पर जनता को सिर्फ़ घोषणाओं और आश्वासनों का लॉलीपॉप थमाया जा रहा है, जबकि ज़मीनी हकीकत में कोई ठोस पहल नहीं की गई। पुल निर्माण निरस्त करने का निर्णय क्षेत्र के हजारों लोगों के साथ सीधा धोखा है। सभा को संबोधित करते हुए दयाशंकर सिंह, नंदेश पांडेय, विशाल पांडेय, अजय सहानी, कामेश्वर नाथ तिवारी, रविकेश पाठक, लालबाबू सोनी एवं मो० कामरान अज़ीज़ सहित संघर्ष समिति के सदस्यों और कई सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि जनहित और क्षेत्र के भविष्य की लड़ाई है। वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक बगहा–बेलवनिया पुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष समिति और स्थानीय जनता का आंदोलन लगातार और और अधिक उग्र रूप में जारी रहेगा।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने संकल्प लिया कि अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं, पुल बनना चाहिए, वरना सड़क से सदन तक आवाज़ बुलंद की जाएगी। चाहे इसके लिए कोई खामियाजा भुगतनी पड़े हम पीछे नही हटने वाले है। 

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