पानी पर पानी की तरह पैसा खर्च कर रही है सरकार, फिर भी बेपानी हैं नल

लाखों रुपए खर्च के बाद भी जिले के 60 प्रतिशत ग्राम पंचायत में अभी तक पानी  सप्लाईनहीं हुआ दूषित पानी पीने पर मजबूर 

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बस्ती। बस्ती जिले में कहा जाता है विकास का रास्ता गांव से होकर गुजरता है, और गांव बदहाल हों तो विकास किस स्तर का हुआ है इसका अंदाजा लगा सकते हैं। बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य जैसी मूल सुविधायें गांव तक पहुंचाने के लिए सरकार का प्रयास जारी है। काफी हद तक बिजली और सड़कों को गांव से जोड़ दिया गया है किंतु अभी भी ग्रामीण दूषित जल पीने को मजबूर हैं। कुदरहा ब्लाक क्षेत्र के लालगंज में बनी पानी की टंकी शो पीस बनकर रह गई है।
 
पानी की टंकी का निर्माण होने व पाईप लाईन बिछाने का कार्य ठेकेदारों ने पूरा कर दिया, फिर भी ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। सबसे बड़ी बात यह कि जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी के निर्माण से लेकर घर-घर नल लगाने में सरकार ने करोड़ों रूपये खर्च किया है, लेकिन नल आज भी बेपानी हैं। घरों पर लगें नल टूटने लगें है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की टंकी को बने लगभग दो साल पूरे हो चुके है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते हम लोगों को स्वच्छ पानी कब मिलेगा प्रभु जाने।
 
इस सम्बन्ध में जब प्रधान प्रतिनिधि लालगंज वीरेन्द्र कुमार उर्फ बब्लू कसौधन से पूंछा गया तो उन्होने बताया कि इसकी पूरी जानकारी मुझे नहीं है, संम्भवतः गांव के आधे हिस्से में पानी की सप्लाई होती है। जबकि मीडिया टीम द्वारा किये गये पड़ताल में एक भी नल चालू स्थिति में नहीं पाया गया।
 
 

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