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सोनभद्र में आयकर विभाग का महा-अभियान ,खनन दिग्गजों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक
खनन व्यवसायियों में हड़कंप, आयकर विभाग ने लिया कब्जे में आवश्यक दस्तावेज सहित लैपटॉप हार्ड डिस्क आदि , जाँच प्रचलित
अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
ओबरा/सोनभद्र
जनपद के खनन उद्योग से जुड़े रसूखदार कारोबारियों के खिलाफ बुधवार को आयकर विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। ओबरा, बिल्ली-मारकुंडी और चोपन क्षेत्र में एक साथ आधा दर्जन से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई है। आयकर विभाग की टीम ने इस छापेमारी को बेहद गोपनीय रखने के लिए फिल्मी अंदाज अपनाया। अधिकारी दर्जनों लग्जरी वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे, जिन पर शादी समारोह के स्टिकर लगे हुए थे ताकि स्थानीय स्तर पर किसी को भनक न लगे। जब तक लोग कुछ समझ पाते, टीम ने लक्षित परिसरों को चारों तरफ से घेर लिया था। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी मुख्य रूप से खनन क्षेत्र के बड़े नामों पर केंद्रित है।

अजय सिंह अध्यक्ष, क्रेशर ऑनर्स एसोसिएशन (बिल्ली-मारकुंडी)। चंद्र भूषण गुप्ता प्रमुख खनन व्यवसायी। देवेंद्र केसरी ओबरा के चर्चित व्यवसायी। अंसारी बंधु चोपन थाना क्षेत्र स्थित आवास और प्रतिष्ठान। आयकर विभाग की टीमें केवल भौतिक दस्तावेजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आधुनिक साक्ष्यों को भी खंगाल रही हैं।लैपटॉप, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और मोबाइल डेटा की क्लोनिंग की जा रही है। बैंक खातों, निवेश के कागजात, बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज और पिछले कई वर्षों के लेनदेन का मिलान किया जा रहा है। टीमों ने पहुंचते ही एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स को अपने नियंत्रण में ले लिया, जिससे किसी भी दस्तावेज को बाहर भेजना या नष्ट करना असंभव हो गया।

छापेमारी वाली जगहों पर स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ विभागीय सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। मीडिया और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों ने अभी तक किसी बड़ी बरामदगी या नकद जब्ती की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच देर रात तक चलने की संभावना है। खनन सोनभद्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और इस स्तर की कार्रवाई सीधे तौर पर अवैध खनन, कर चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे बड़े मुद्दों की ओर इशारा करती है।

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