गोरखपुर रंगोत्सव में दिखेगा खास उल्लास, सीएम योगी करेंगे भगवान नृसिंह शोभायात्रा का नेतृत्व

सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संदेश के साथ निकलने वाली यह परंपरा दशकों से गोरखपुर की पहचान बनी हुई है

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गोरखपुर-  होली के पावन अवसर पर गोरखपुर का रंगोत्सव इस बार भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में भगवान नृसिंह की पारंपरिक रंगभरी शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे।घंटाघर से निकलने वाली यह शोभायात्रा श्री होलिकोत्सव समिति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से आयोजित होती है। सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के संदेश के साथ निकलने वाली यह परंपरा दशकों से गोरखपुर की पहचान बनी हुई है।

दशकों पुरानी परंपरा, सामाजिक समरसता का संदेश

भगवान नृसिंह की यह शोभायात्रा वर्ष 1944 में नानाजी देशमुख द्वारा शुरू की गई थी। बाद में गोरक्षपीठ से इसका गहरा संबंध जुड़ गया। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के निर्देश पर महंत अवेद्यनाथ ने इसमें पीठ का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1996 से 2019 तक योगी आदित्यनाथ ने शोभायात्रा का नेतृत्व किया। कोरोना काल में 2020 और 2021 में वह शामिल नहीं हुए, लेकिन 2022 से फिर परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

पांच किलोमीटर लंबी शोभायात्रा

पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली यह शोभायात्रा गोरखपुर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती है। भगवान नृसिंह के रथ पर सवार गोरक्षपीठाधीश्वर रंगों में सराबोर होकर लोगों का अभिवादन करते हैं।रंगोत्सव की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन की भस्म से तिलक लगाकर होगी। मंदिर परिसर में फाग गीत गाए जाएंगे और दोपहर बाद होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा।गोरखपुर की यह शोभायात्रा अब देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुकी है और इसकी तुलना मथुरा-वृंदावन की होली से की जाती है।

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