श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल सिर्फ नाम का

श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर क्षेत्रवासियों में बढ़ रहा असंतोष जिले के दुल्लभछड़ा

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात:        श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को लेकर क्षेत्रवासियों में बढ़ रहा असंतोष जिले के दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का आरोप लगाया जा रहा है। गंभीर अथवा विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता पड़ने पर आज भी क्षेत्र के मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल अथवा अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ता है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि अस्पताल में ईएनटी (कान, नाक एवं गला), त्वचा रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग और दंत चिकित्सा सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा हाथ टूटने अथवा हड्डी में चोट लगने जैसी स्थिति में भी आवश्यक प्लास्टर और संबंधित चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को श्रीभूमि सिविल अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि गंभीर और सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए भी मरीजों को बार-बार दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़े, तो दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल को किस हद तक ‘मॉडल’ कहा जा सकता है? उनका कहना है कि अस्पताल कई मामलों में मरीजों को इलाज उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे अस्पतालों में रेफर करने का केंद्र बनकर रह गया है। इस स्थिति का सबसे अधिक असर मरीजों और उनके परिजनों पर पड़ रहा है। इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों तक आने-जाने में अतिरिक्त समय और धन खर्च होता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह परेशानी और गंभीर हो जाती है। कई मरीज मजबूरी में श्रीभूमि के निजी चिकित्सकों से उपचार कराने को विवश होते हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, श्रीभूमि सिविल अस्पताल में भी इलाज के लिए मरीजों को लंबे समय तक कतार में इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में दुल्लभछड़ा से मरीजों को बार-बार बाहर रेफर किए जाने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। विशेषकर आपातकालीन परिस्थितियों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा का अभाव गंभीर चिंता का विषय बन सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्पताल का नाम बदलने, भवन तैयार करने या बुनियादी ढांचा विकसित करने से स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। अस्पताल को वास्तव में मॉडल बनाने के लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आवश्यक जांच सुविधाओं, संबंधित विभागों की नियमित सेवाओं तथा मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। क्षेत्रवासियों ने इस मामले में असम के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों की मांग है कि दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल में जल्द से जल्द आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए और सभी महत्वपूर्ण विभागों में नियमित चिकित्सा सेवाएं शुरू की जाएं। क्षेत्रवासियों की स्पष्ट मांग है कि दुल्लभछड़ा मॉडल अस्पताल सिर्फ नाम से मॉडल न रहे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और पूर्ण चिकित्सा सेवाओं के मामले में भी वास्तव में ‘मॉडल’ बने।
 

About The Author

Post Comments

Comments

नवीनतम समाचार